छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार को धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर बवाल हो गया। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजदूगी में देर शाम तक दूसरे जगह दफनाया गया। मामला दुगली थाना क्षेत्र के मुनइकोर गांव का है।
जानकारी के मुताबिक, मुनइकोर गांव के रहने वाले जलसिंह नेताम (50) की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों घर की बाड़ी में शव दफना दिया। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों की मिली तो वो मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताने लगे। इस दौरान जमकर बवाल हुआ।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुंची और स्थिति पर काबू पाया। करीब 5 घंटे तक चले हंगामे के बाद बाड़ी में दफनाए गए शव को बाहर निकाया गया। फिर शहर में स्थिति क्रिश्चियन कब्रिस्तान में दफनाया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
इससे पहले भी जिले में धर्मांतरित महिला के शव को दफनाने को लेकर बवाल हुआ था। जिसके बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया था। मृतिका पुनिया बाई (65) ने दो साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, जलसिंह नेताम ने परिवार के साथ करीब 15 साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। पिछले 15 दिनों से वह बीमार चले रहे थे। शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने ईसाई धर्म के अनुसार शव को बाड़ी में दफना दिया।
शव दफनाने की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार से विवाद करने लगे। उनका कहना था कि शव को गांव में न दफनाया जाए, बल्कि कब्रिस्तान में दफनाया जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ।
इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। इधर, हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शव को निकालकर दूसरी जगह दफनाया जाएगा।
समझाइश के बाद में पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शव को बाड़ी से निकाला गया और शहर में स्थित कब्रिस्तान लाया गया। जहां शव को दफनाया गया। तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य है।