
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन निलंबित प्राचार्य वंदना पाण्डेय की उसी स्कूल में दोबारा पदस्थापना के बाद शुरू हुआ। जहां से उन्हें पहले निलंबित किया गया था। स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय को लेकर छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने 29 जनवरी को जारी पदस्थापना आदेश को निरस्त कर दिया है। वहीं इस कैंपस में रील बनाने वाली शिक्षिकाओं को जिला शिक्षा अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एडीएम के पहुंचने पर सौंपा हस्तलिखित ज्ञापन
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) पंकज डाहरे मौके पर पहुंचे। छात्रों ने उन्हें एक हस्तलिखित ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। जिसमें छात्रों ने प्रिंसिपल वंदना पाण्डेय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है। एडमिशन प्रोसेस में ज्यादा फीस लेती है। प्रैक्टिकल के नंबर काटकर दबाव बनाती है। अनावश्यक मीटिंग लेकर पढ़ाई बाधित करती है औरछात्रों से स्कूल में साफ-सफाई का काम कराती है।
एडीएम ने दिया आश्वासन
एडीएम पंकज डाहरे ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर दो से तीन दिनों के भीतर उचित निर्णय लिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में एडीएम ने कहा कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिला प्रशासन को पहले ही मामले से अवगत करा दिया होता, तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
17 अक्टूबर 2025 को हुआ था निलंबन आदेश जारी
प्राचार्य वंदना पाण्डेय की दोबारा पदस्थापना विवादों में घिर गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 17 अक्टूबर 2025 को उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया था।
निलंबन आदेश में 31 जनवरी 2025 को शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण का हवाला दिया गया था। निरीक्षण के दौरान पीएम श्री स्कूल में कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके लिए प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया गया था।
10 महीने बाद कार्रवाई, फिर 5 महीने में बहाली
बताया जा रहा है कि जनवरी 2025 में मिली खामियों पर कार्रवाई करने में मंत्रालय को करीब 10 महीने लग गए। इसके बाद निलंबन आदेश जारी हुआ। हालांकि निलंबन के करीब पांच महीने बाद ही 29 जनवरी को प्रशासनिक आवश्यकता का हवाला देते हुए प्राचार्य को बहाल कर दिया गया।
बहाली के बाद बिगड़ा स्कूल का माहौल
बताया जा रहा है कि नियम विरुद्ध बहाली के बाद प्राचार्य जब स्कूल पहुंचीं तो उनका रवैया बदला हुआ था। इससे स्कूल का माहौल बिगड़ने लगा। स्टाफ और छात्रों के बीच भी तनाव की स्थिति बन गई।
28 स्टाफ ने डीईओ को दी थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, 5 फरवरी को पीएम श्री स्कूल के 28 स्टाफ सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर को मामले से अवगत कराया था। स्टाफ ने मांग की थी कि प्राचार्य को किसी अन्य स्थान पर पदस्थ किया जाए। लेकिन पांच दिन तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद छात्रों ने कलेक्ट्रेट में मोर्चा खोल दिया।
वायरल वीडियो से भी विवाद बढ़ा
पीएम श्री स्कूल हाल ही में वायरल वीडियो के कारण भी चर्चा में रहा। स्कूल स्टाफ के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें शिक्षक रील बनाते नजर आए। हालांकि वीडियो में दिख रहे शिक्षकों ने सफाई दी थी कि यह वीडियो स्कूल में आयोजित उत्सव के समापन के बाद बनाया गया था और उनकी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद रिकॉर्ड किया गया।
शिक्षकों का आरोप है कि वीडियो को दुर्भावना के तहत मीडिया में वायरल कराया गया, जिससे स्कूल की छवि खराब हुई। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।