
गुप्त सूचना पर हुई कार्यवाही
पूरन मेश्राम/गरियाबंद।
वन विभाग को 10 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर दक्षिण उदंती वन अमले ने कार्यवाही करते हुए आरोपियों को धर दबोचा। मामला पीओआर क्रमांक 51/09 दिनांक 15.01.2026 से जुड़ा हुआ है।मुख्य आरोपी पुलस्तराम फरसान (42 वर्ष), निवासी गांधीनगर, थाना नवरंगपुर (ओडिशा) को पकड़ा गया। पूछताछ में दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए —
बेचुराम वारसी (50 वर्ष)
लक्ष्मण गोड़ (58 वर्ष)
दो भरमार बंदूक जब्त
जांच के दौरान आरोपियों के पास से 02 नग भरमार बंदूक बरामद की गई। एक बंदूक पहले ही 20 जनवरी को जब्त की जा चुकी थी। जबकि दूसरी बंदूक रायघर (ओडिशा) क्षेत्र से बरामद की गई। आरोपियों ने मिलकर जंगली सूअर का शिकार किया था, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत गंभीर अपराध है।वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 34, 50 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को 12 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद (छ.ग.) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर रायपुर जेल भेज दिया गया।
संयुक्त टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्यवाही में सायबर सेल प्रभारी श्री सतीश यादव, डॉग स्क्वॉड टीम, दक्षिण उदंती एवं रायघर वन परिक्षेत्र के अधिकारियों सहित वन विभाग की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
टाइगर रिजर्व में सख्ती का संदेश
वन विभाग की इस कार्यवाही से स्पष्ट संदेश गया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वन अमला लगातार निगरानी और सख्त कार्यवाही कर रहा है।