बलरामपुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर लगभग 90 करोड़ रुपए की लागत से दो लेन सड़क का निर्माण कार्य जारी है। हालांकि, निर्माण की गुणवत्ता और ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
बुधवार को पूर्व जनपद उपाध्यक्ष बीडी लाल गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
कई जनप्रतिनिधियों ने भी समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया और आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन संबंधित विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
विरोध का एक प्रमुख कारण रामानुजगंज के घनी आबादी वाले क्षेत्र में डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकाडैम) प्लांट लगाया जाना है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्लांट से चौबीसों घंटे धूल उड़ती रहती है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही परेशानी
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। बार-बार पानी के छिड़काव की मांग के बावजूद सड़क पर नियमित रूप से पानी नहीं डाला जा रहा है। चक्काजाम के दौरान बीडी लाल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों, ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों से मिलकर समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही रिहायशी क्षेत्र से प्लांट नहीं हटाया गया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।