
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान निवासी पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल और नरसिंह सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।
दरअसल, विधानसभा थाना क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, RTO e-challan के नाम से आए एसएमएस में दिए लिंक पर क्लिक करने पर उनके खाते से 4.52 लाख रुपए कट गए। मामले में अपराध क्रमांक 8/26, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान गूगल, बैंक, मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों और टेलीग्राम से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर राजस्थान में दबिश दी गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब और सोशल मीडिया पर Task Complete, Instant Bonus, Referral Bonus जैसे लालच देकर Winmate, Wingo जैसे फर्जी ऐप डाउनलोड करवाते थे।
ये ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं होते। इंस्टॉल होते ही यूजर्स के फोन से बड़ी संख्या में धोखाधड़ी वाले एसएमएस भेजे जाते थे। जिनमें हैकिंग लिंक होते थे। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता और बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती थी।
ठगी की रकम को इस तरह लगाते थे ठिकाने
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए वो Swiggy/Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगवाकर अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी कराते थे।
आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगों से बचने अपनाए ये सावधानी
- किसी भी प्रकार के ऑनलाइन ऐप को केवल Play Store/App Store से ही डाउनलोड करें।
- “गारंटीड मुनाफा”, “रोज़ पक्का रिटर्न” या “आसान कमाई” जैसे प्रलोभनों से सावधान रहें।
- अनावश्यक रूप से SMS, कॉन्टैक्ट, कॉल लॉग या बैंक संबंधी अनुमति मांगने वाले ऐप्स को इंस्टॉल न करें।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित फर्जी लाभ, स्क्रीनशॉट अथवा प्रशंसापत्रों पर विश्वास न करें।
- किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या कॉल के माध्यम से प्राप्त निर्देशों का पालन न करें।
- साइबर ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।