राजिम कुंभ कल्प की गूंज सात समंदर पार… इटली के पर्यटकों ने कहा राजिम बहुत अच्छा लग रहा

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राजिम में जो मन से दान दिया जाए उसे ही स्वीकार किया जाता है
लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ नगरी राजिम में आयोजित कुंभ कल्प मेला के आस्था और भव्यता की गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दे रही है। संगम तट पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़, संतों का सानिध्य और सांस्कृतिक विविधता विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है। इटली सहित कई देशों से पहुंचे पर्यटक यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और सरलता से अभिभूत नजर आ रहे हैं। बता दें कि 15 दिवसीय कुंभ कल्प मेले में पहले नाइजीरिया और इटली से पर्यटक पहुंच चुके हैं, वहीं इटली के तुष्कानी राज्य के सेना नगर से तीन और पर्यटक राजिम पहुंचे। विदेशी मेहमानों ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में दर्शन-पूजन कर संगम क्षेत्र का भ्रमण किया और मेले के हर दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरे में कैद किया।
इटली से आए लाऊडियो, मोनिका और रुसाना हेल्थ विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि वे एक माह के लिए भारत भ्रमण पर आए हैं, जिसमें 15 दिन छत्तीसगढ़ और 15 दिन दक्षिण भारत में बिताएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य कुंभ मेला और महाशिवरात्रि के अवसर पर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म को करीब से समझना है। विदेशी पर्यटकों ने निर्वाणी अखाड़ा के संतों से आशीर्वाद लिया और राजीवलोचन महाराज के पंडाल में बैठकर फलाहार भी किया। उन्होंने कहा कि “राजिम बहुत अच्छा लग रहा है। यहां के लोग सरल और आत्मीय हैं, मंदिरों में भक्ति का अद्भुत वातावरण है। यहां किसी प्रकार का दबाव या अनिवार्य दान नहीं है, जो मन से दिया जाए उसे ही स्वीकार किया जाता है।” इटली के एक पर्यटक ने बताया कि उन्हें पिछले वर्ष ही पता चला था कि छत्तीसगढ़ में भी कुंभ का आयोजन होता है। तभी से यहां आने की योजना बना ली थी। “भगवान राजीवलोचन के दर्शन कर मन प्रसन्न हो गया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को समझने में कई वर्ष भी कम पड़ सकते हैं,” हमारी श्रद्धा भारत के प्रति है। विदेशी पर्यटकों के साथ उड़ीसा से गाइड मनोज भोई भी पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे दो दिन राजिम में रहेंगे, इसके बाद केशकाल घाटी, जगदलपुर, कवर्धा और शिवरीनारायण का भ्रमण कर रायपुर एयरपोर्ट से वापसी करेंगे।
विदेशियों के साथ फोटो खींचाने की लगी होड़
विदेशी मेहमानों को देखकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह का माहौल रहा। हर कोई उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक दिखे। लोग टूटी-फूटी अंग्रेजी में “फोटो-फोटो” कहते नजर आए और विदेशी भी मुस्कुराकर पोज देते रहे। लोगों की प्रसन्नता साफ दिख रही थी कि राजिम कुंभ की प्रसिद्ध अब सिर्फ यही तक नहीं रह गई है बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन गई है।

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