छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय पहली बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने जा रहा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय पहली बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को कई विषयों में शोध करने का अवसर मिलेगा।महाविद्यालयों की अकादमिक रैंकिंग भी बेहतर होगी। लंबे समय से प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की मांग थी कि विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा शुरू की जाए।

साल 2020 में विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। कोरोना काल के कारण कई विकास कार्य प्रभावित हुए, लेकिन अब शोध गतिविधियों को शुरू करने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। भले ही विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर अभी नहीं बन पाया है, फिर भी यहां पीएचडी की पढ़ाई शुरू की जा रही है।

कुलसचिव के नेतृत्व में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में शोध कार्य प्रारंभ कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही पीएचडी प्रवेश की अधिसूचना जारी की जाएगी और शोध केंद्र भी बनाए गए हैं। आने वाले समय में विद्यार्थी गाइड के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर सकेंगे। विश्वविद्यालय से रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिले के सभी महाविद्यालय संबद्ध हैं।

13-14 विषयों में होगा शोध

प्रारंभिक चरण में लगभग 200 से अधिक सीटों के लिए ऑनलाइन नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी, जबकि NET/SET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट मिलेगी। पहले चरण में 13-14 विषयों में पीएचडी कराई जाएगी, जिससे चारों जिलों के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को लाभ मिलेगा।

शोध कार्य को मिलेगा बढ़ावा

कुलसचिव डॉ. तरुण धर दीवान ने बताया कि, पहली बार पीएचडी परीक्षा आयोजित होने से विद्यार्थियों, प्राध्यापकों को शोध करने और रिसर्च पेपर प्रकाशित करने का अवसर मिलेगा। कुलपति प्रो. ललित प्रकाश पटेरिया के मार्गदर्शन में शोध निर्देशकों की सूची और अधिसूचना तैयार कर ली गई है।

पीएचडी शुरू होने से महाविद्यालयों की रैंकिंग और NAAC मूल्यांकन में सुधार होगा। साथ ही अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक पद के लिए पात्र बन सकेंगे और विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर भी आवेदन कर पाएंगे।