बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में आदिवासी बुजुर्ग रामनरेश उरांव की मौत के मामले में कांग्रेस ने आरोपी भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह और कथित ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ के खिलाफ पुतला दहन किया

Chhattisgarh Crimesबलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में आदिवासी बुजुर्ग रामनरेश उरांव की मौत के मामले में कांग्रेस ने आरोपी भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह और कथित ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ के खिलाफ पुतला दहन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरगुजा, रायगढ़, बस्तर और छुई खदान जैसे क्षेत्रों में लौह अयस्क, बॉक्साइट और अन्य खनिजों के नाम पर मूल निवासी आदिवासी परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि खनन माफियाओं के खिलाफ हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव में राजस्व टीम अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के लिए पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम करुण डहरिया, भाजपा नेता विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह और अन्य लोगों द्वारा तीन ग्रामीणों से मारपीट की गई।

घायल ग्रामीण रामनरेश राम (60) की इलाज के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में मौत हो गई। दो अन्य अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) का इलाज जारी है।

पुलिस जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एसडीएम करुण डहरिया, अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।

हालांकि, नायब तहसीलदार पारस शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। प्रशासन का कहना है कि वे मौके पर मौजूद थे, लेकिन मारपीट में शामिल नहीं थे।

घायलों का आरोप- खेत से लौटते समय रोका

घायल ग्रामीणों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे। रात करीब 9 बजे सरना के पास उन्हें रोका गया और पूछताछ के बाद लाठी-डंडों से पीटा गया। बाद में तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी ले जाया गया, जहां रास्ते में रामनरेश की हालत बिगड़ गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अवैध उत्खनन की जांच से जुड़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, हंसपुर में अवैध बॉक्साइट उत्खनन की शिकायत के बाद राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों द्वारा एक ट्रक पकड़े जाने और कथित ब्लैकमेलिंग की सूचना भी सामने आई है। इसी के बाद विवाद बढ़ा। पोस्टमॉर्टम बाहरी डॉक्टरों की टीम से कराया गया। अंबिकापुर से फोरेंसिक विशेषज्ञ को बुलाया गया था।

विरोध और सियासी बयानबाजी

कुसमी में सर्व आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। अस्पताल और थाने के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया।

कांग्रेस ने इसे “जंगलराज” बताते हुए कहा कि जिन अधिकारियों का काम अवैध उत्खनन रोकना है, वे ही आम लोगों पर हिंसा कर रहे हैं। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रशासन दबाव और हिंसा के जरिए शासन चला रहा है।

वहीं प्रशासन का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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