
जानकारी के अनुसार, कटरा गांव निवासी आनंद चौधरी उर्फ पप्पू (38) पर आरोप था कि उसने अपने पड़ोसी रामप्रसाद आयाम की हत्या की। घटना वाले दिन आनंद अपनी पत्नी प्रमिला चौधरी और रामप्रसाद आयाम के साथ महुआ बीन रहा था।
आरोपी आनंद को शक था कि रामप्रसाद उसकी पत्नी प्रमिला से बात करता है और उसके साथ घूमता है। हालांकि, रामप्रसाद की पहले दो शादियां हो चुकी थीं, लेकिन उसकी दोनों पत्नियां उसे छोड़कर जा चुकी थीं और वह गांव में अकेला रहता था।
महुआ बीनने के दौरान शुरू हुआ विवाद
महुआ बीनने के दौरान ही आनंद और रामप्रसाद के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी आनंद ने अपने हाथ में रखी लोहे की धारदार टंगिया से रामप्रसाद की गर्दन पर वार कर दिया, जिससे कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
रामप्रसाद के परिजनों ने तत्काल मरवाही पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी आनंद खून लगी टंगिया लेकर मौके से फरार हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मरवाही थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया गया था। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड एकता अग्रवाल ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी आनंद चौधरी को बीएनएस की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने की।