छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी जनपद पंचायत का SDO रिश्वत लेते पकड़ाया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी जनपद पंचायत का SDO रिश्वत लेते पकड़ाया है। ग्राम पंचायत भवानीपुर के स्कूल के खेल मैदान में मुरूम बिछाया जाना था। इस काम में 10 लाख का खर्च था। SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने जल्दी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में सरपंच से 1 लाख की डिमांड की थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने ACB में शिकायत कर दी।

गांव के सरपंच ने काम करवाने के लिए पहली किस्त का पैसा दे दिया था। दूसरी किस्त 25 हजार देने पहुंचे तो ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। बता दें कि गोपाल कृष्ण शर्मा पलारी जनपद पंचायत में पहले सब इंजीनीयर था। हाल ही में वह प्रमोट होकर ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में SDO अधिकारी बना था। मामला गिधपुरी थाना क्षेत्र का है।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवानीपुर के ग्रामीणों ने ACB रायपुर में शिकायत की थी। दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह मामला ग्राम पंचायत भवानीपुर में कराए गए 10 लाख रुपए के मुरूम समतलीकरण काम से जुड़ा है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि काम पूरा हो जाने के बाद भी भुगतान और अंतिम मूल्यांकन बाकी था। उन्होंने बताया कि एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा ने फाइल आगे बढ़ाने और अनुकूल सत्यापन रिपोर्ट देने के बदले पहले 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 80 हजार रुपए में तय हुई। अफसर को पहले ही 20 हजार रुपए दे दिए गए थे।

पहली किस्त मिलने के बाद बनाया दबाव

उप सरपंच ने बताया कि दूसरी किस्त के तौर पर 25 हजार रुपए और देने का दबाव बना रहा था। शिकायतकर्ता ने एसडीओ की डिमांड से परेशान होकर एसीबी से संपर्क किया। शुरुआती जांच के बाद एसीबी की टीम ने अफसर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाने की प्लानिंग की।

पहले से घात लगाकर बैठे थे ACB अधिकारी

एसीबी ने अपनी प्लानिंग के मुताबिक, शिकायतकर्ता गुरुवार (19 फरवरी) को तय रकम लेकर एसडीओ के पास भेजा। मैदान में ACB की 15 सदस्यीय टीम पहले से तैनात थी।

जैसे ही एसडीओ ने 25 हजार रुपए नकद लिए, पहले से घात लगाए बैठे एसीबी के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर ही रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली गई और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई।

पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई करेगी ACB

एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

टीम यह भी देख रही है कि इस मामले में कोई और कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। साथ ही, जुड़ी हुई फाइलों और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद जनपद पंचायत दफ्तर में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के बीच अब इस बात की चर्चा हो रही है कि सत्यापन और मूल्यांकन की प्रक्रिया साफ-सुथरी और पारदर्शी होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने भी एसीबी की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि सरकारी योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।

Exit mobile version