कांकेर में 15 दिन बाद धान खरीदी शुरू

Chhattisgarh Crimesकांकेर जिले के इच्छापुर धान खरीदी केंद्र में हमाल (मजदूर) उपलब्ध न होने के कारण 15 दिनों तक धान की खरीदी नहीं हो सकी। किसान लगातार टोकन के लिए चक्कर लगाते रहे, लेकिन हमाल की अनुपलब्धता का हवाला देकर उन्हें टोकन देने से इनकार कर दिया गया।

कई किसान ऑनलाइन टोकन लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उन्हें खुद धान तौलकर छल्ली (ढेर) करना होगा। किसानों के पास कोई अन्य विकल्प न होने के कारण वे सभी शर्तों पर धान बेचने को तैयार हो गए और काम में जुट गए।

व्यवस्थाओं की कमी पर उठाए सवाल

खरीदी प्रभारी के निर्देश पर महिलाओं को मजदूरी के लिए बुलाया गया, जिन्होंने बोरों में भूसा भरकर स्टेक तैयार किए। इसके बाद किसानों ने धान के बोरों को उन पर छल्ली करना शुरू किया।

खरीदी केंद्र पर मौजूद नाराज किसानों ने व्यवस्थाओं की कमी पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। इनमें उर्मिला सुभास, विष्णु कारजु और मिलु तेता सभी प्रभावित किसान शामिल है।

हमाली भत्ता और हमाली उपलब्ध कराने की मांग

धान बेच रहे किसानों ने हमाली भत्ता और हमाल उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि जब सरकार खरीदी केंद्रों को हमाली भत्ता भेज रही है, तो यह पैसा उन्हें भी मिलना चाहिए।

टोकन लेने पहुंचे सुंदर वट्टी ने बताया कि वे बुजुर्ग और गरीब हैं, इसलिए खुद धान की छल्ली नहीं कर पाएंगे। किसानों ने जल्द से जल्द खरीदी केंद्र में हमाल की व्यवस्था करने की अपील की ताकि सभी किसान आसानी से धान बेच सकें।

खरीदी केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिला। किसानों के लिए पीने के साफ पानी और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने बताया कि धान खरीदी शुरू होने से पहले इन आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है।