छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप हुआ है। नारायणपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 बहनें मेहमान बनकर अपने चाचा के घर आई थी। 17 फरवरी को दोनों वापस अपने गांव लौट रही थी, तभी चौक में 9 बदमाश खड़े थे, जो नशा कर रहे थे। दोनों लड़कियों को अकेले देख उनकी नियत बिगड़ गई।
बदमाशों ने बहनों से सड़क पर ही छेड़छेड़ करना शुरू कर दिया और घेर लिया। बड़ी बहन बचकर भाग निकली। मुख्य आरोपी नीरज लकड़ा (23) और एक नाबालिग ने छोटी बहन को पकड़ लिया। उसे कुछ दूर ले गए। मना करने पर जबरन जमीन पर पटका और रेप किया। अन्य 7 आरोपी थोड़ी दूरी पर खड़े होकर वारदात देख रहे थे।
पीड़िता ने 2 दिन बाद परिजनों को पूरी आपबीती बताई। गांव में हल्ला होते ही मामले को दबाने के लिए आरोपियों ने परिजनों को पैसे का ऑफर दिया और थाने जाने पर जान से मारने की भी धमकी दी गई थी। मामला नारायणपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चाचा को आता देख भागे आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 35 वर्षीय भतीजी और 13 वर्षीय बेटी बहन के घर मेहमान थी। 17 फरवरी को अपने गांव लौट रही थीं।
शाम के समय रास्ते में एक चौक के पास नौ युवकों ने दोनों के साथ छेड़छाड़ की। भतीजी घर भागी और अपने चाचा को जानकारी दी। जिसके बाद वह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन उन्हें आता देख सभी आरोपी फरार हो गए। इसके बाद वे अपनी 13 वर्षीय बेटी को घर ले आए।
2 दिन बाद बच्ची ने बताई आपबीती
दो दिन बाद नाबालिग ने बताया कि घटना वाले दिन एक आरोपी लड़का उसे कुछ दूर ले गया। मना करने के बावजूद उसने जबरन जमीन पर पटक कर दुष्कर्म किया। अन्य आरोपी थोड़ी दूरी पर खड़े होकर घटना देख रहे थे।
मामले को दबाने परिजनों को पैसे ऑफर किए
वारदात की जानकारी गांव में फैलने पर आरोपियों ने पैसे देकर मामले को दबाने और थाने न जाने की धमकी दी थी। इसके अलावा जान से मारने की भी धमकी दी गई थी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
नारायणपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137, 87, 96, 64, 65(1), 70(1), 70(2), 127(2), 351(2) समेत पॉक्सो एक्ट की धारा 5, 6 के तहत केस दर्ज किया गया। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है।
चार विशेष टीमों ने कुछ घंटों में पकड़े आरोपी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल चार विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी नौ संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।
सभी आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म स्वीकार किया है। कोर्ट में पेश करने के बाद सभी बालिग आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
एसएसपी ने कहा कि बच्चों और महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर पुलिस संवेदनशील है, ऐसे मामलों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।