
0 ग्रामीण–शहरी संतुलन पर फोकस: बजट में विकास की दोहरी रफ्तार – भाजपा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश किया, जिसमें विकास, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास और आमजन को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गरियाबंद भाजपा ने इस बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास पर जोर दिया गया है। सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है।
गरियाबंद भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीन बजट को सर्व वर्ग स्पर्शी और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक प्रबंधन का दस्तावेज है, बल्कि समाज के हर वर्ग की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई व्यापक विकास योजना के रूप में सामने आया है। बजट में किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए स्वरोजगार योजनाओं, स्व-सहायता समूहों के विस्तार, पोषण अभियान तथा सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी भागीदारी को और सशक्त करना है। कहा कि युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने तथा नई भर्तियों की प्रक्रिया को गति देने पर भी बल दिया गया है।
बजट को लेकर भाजपा जिला महामंत्री डॉ आशीष शर्मा ने कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। नए स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से आमजन को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है। आदिवासी क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। सड़क, बिजली, पेयजल एवं डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अधोसंरचना के विकास पर भी जोर दिया गया है। यह बजट समावेशी विकास की सोच को प्रतिबिंबित करता है और प्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। संतुलित वित्तीय अनुशासन और जनहितकारी योजनाओं के समन्वय से यह बजट विकास एवं विश्वास दोनों को सुदृढ़ करने वाला दस्तावेज साबित होगा। कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को साकार करता हुआ प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।