छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला केस में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला केस में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। ऐसे में उनका जेल से बाहर आना मुश्किल है।

दरअसल, सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। 2 महीने पहले ही शराब घोटाले केस में फिर उसे ED और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार किया था। जिस पर हाईकोर्ट ने बेल दी है।

सौम्या के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने दैनिक भास्कर को बताया कि शर्त ये है कि EOW ने बेल दे दी है। इसमें कंडीशन ये दी गई है कि जिस दिन इस केस में चार्जशीट पेश होगा, उस दिन उन्हें जमानत मिलेगी। वकील के मुताबिक, आज से 45 दिन बाद सौम्या जेल से बाहर आ जाएगी।

हाईकोर्ट से बेल नहीं, सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका

सौम्या चौरसिया ने अपनी गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट का रूख करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।

जिसके बाद सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थी, जिसमें उन्होंने ईडी और ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी को चुनौती दी थी।

अब तक 6 बार हिरासत में लिया गया

सौम्या के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियां नई-नई FIR दर्ज कर बार-बार गिरफ्तारी कर रही हैं। यह सब राजनीतिक षड्यंत्र के तहत किया जा रहा है।

याचिका में यह भी कहा कि अब तक उन्हें 6 बार हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर करें। साथ ही हाईकोर्ट को उनकी याचिका पर प्राथमिकता से सुनवाई करने कहा था।

हाईकोर्ट ने ऑर्डर रखा था रिजर्व

पिछले दिनों इस केस की सुनवाई हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में हुई थी। तब राज्य शासन की तरफ से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि, सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।

जवाब के लिए समय दिया गया तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा। जिसके बाद 20 फरवरी को सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिस पर आज आर्डर जारी किया गया है।

सौम्या के वकील बोले- शर्तों के साथ मिली है बेल

सौम्या के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने दैनिक भास्कर को बताया कि शर्त ये है कि EOW ने बेल दे दी है। ED में धारा 45 के तहत कोर्ट ने ये फाइन किया है कि सौम्या के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग का अपराध किया जाना नहीं पाया जाता है, इसलिए उन्हें बेल दिया जाता है।

EOW में ये कंडीशन दी गई है कि जिस जिस दिन इस केस में चार्जशीट प्रस्तुत करेगी, उस दिन उन्हें जमानत मिलेगी। वकील के मुताबिक, आज से 45 दिन बाद सौम्या जेल से बाहर आ जाएगी।

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