होली पर छलकेंगे जाम… छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ से अधिक की शराब बिक्री का अनुमान

Chhattisgarh Crimes रायपुर: रंगों के त्यौहार होली को लेकर जहां बाजार गुलजार हैं, वहीं आबकारी विभाग ने भी मधुशालाओं में रिकॉर्ड बिक्री के लिए कमर कस ली है। इस वर्ष होली के अवसर पर प्रदेशभर में 500 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकने का अनुमान लगाया जा रहा है।

अकेले राजधानी रायपुर में ही शौकीनों द्वारा 65 करोड़ रुपये की शराब गटकने की संभावना है। विभाग ने मांग को देखते हुए सभी दुकानों में चहेते ब्रांड्स का बंपर स्टाक पहुंचा दिया है।

स्टाक की कोई कमी नहीं, अतिरिक्त गाड़ियां तैनात

आबकारी विभाग के अनुसार पिछले वर्ष होली के दौरान रायपुर में तीन दिनों के भीतर 60 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की खपत हुई थी। इस बार तीन दिन पहले से लगातार बिक्री बढ़ रही हैं। आपूर्ति में कोई बाधा न आए, इसके लिए विभाग ने शराब परिवहन के लिए अतिरिक्त गाड़ियां किराए पर ली हैं

सभी शराब दुकानों के सुपरवाइजरों से एक सप्ताह पहले ही अनुमानित मांग का ब्यौरा मंगा लिया गया था, जिसके आधार पर पिछले तीन दिनों से दुकानों को रिफिल किया जा रहा है।

बार संचालकों पर कोटा बढ़ाने का दबाव

अधिकारियों के अनुसार राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से बार संचालकों को भी सामान्य दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाक उठाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शराब प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार होली के एक दिन पूर्व (मंगलवार) दुकानें अपने निर्धारित समय तक खुली रहेंगी।आमतौर पर त्यौहार से पहले शाम पांच बजे दुकानें बंद कर दी जाती थीं, लेकिन इस बार समय में कटौती नहीं की गई है।

अंग्रेजी शराब और मध्यम वर्ग के ब्रांड की भारी मांग

होली पर देसी की तुलना में विदेशी (अंग्रेजी) शराब की डिमांड अधिक रहती है। विशेषकर मध्यम दर्जे के चर्चित ब्रांड और गोवा स्टैंडर्ड जैसी श्रेणियों के लिए विभाग ने विशेष स्टोर व्यवस्था की है। राजधानी के लगभग 35 प्रतिशत लोग होली पर शराब के उपभोग में सक्रिय रहते हैं, जिसे देखते हुए प्रीमियम ब्रांड का भी पर्याप्त कोटा सुनिश्चित किया गया है।

अवैध बिक्री पर डबल लाक पहरा

बुधवार को ड्राई डे घोषित होने के कारण शराब कोचियों के सक्रिय होने की आशंका है। इसे रोकने के लिए आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें मुखबिरों के जाल के जरिए निगरानी कर रही हैं। ड्राय डे के दिन बुधवार को सख्ती बरती जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।शराब के अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ अभी से छापेमारी शुरू कर दी गई है। साथ ही दुकानों में ओवररेटिंग न हो, इसके लिए उड़नदस्ते तैनात रहेंगे। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तैयारी राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ मिलावटी या अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए की गई है।