
बताया जा रहा है कि ड्यूटी से घर लौटने के बाद उसने परिवार के साथ होली मनाई थी। अगले दिन वह कपड़े बदलने के बहाने अपने कमरे में गई और फांसी लगा ली। काफी देर तक दरवाजा न खोलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा और उसे नीचे उतारा।
परिजनों ने उसे जीवित समझकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ललिता गभेल अपने पिता जीवन गभेल की तीन संतानों में सबसे बड़ी थी। उसने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक निजी कॉलेज में दाखिला लिया था और साथ ही निजी अस्पताल में काम कर रही थी।
इस मामले में जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके।