
पति और सौतन ने महिला के आए दिन झगड़े से परेशान थे। सुनील और उसकी पत्नी को शक था कि उसके घर में बच्चा नहीं होने और उसके पिता को कैंसर होने के पीछे गोईदी बाई द्वारा किए गए जादू-टोना का हाथ है।
इस वजह से चारों आरोपियों ने प्लानिंग के तहत उसकी हत्या की साजिश रची। पति ठूपन गोईदी बाई को बहला-फुसलाकर झोपड़ी में ले गया। वहां पहले चारों आरोपियों ने गोईदी के साथ शराब पी।
फिर सुनील ने महिला के बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटका। इसके बाद ठूपन राम और फुला बाई ने उसके हाथ-पैर पकड़कर उसे दबोच लिया। उसी दौरान सुरन्ती बाई ने आरोप लगाया कि उसके बच्चे न होने का कारण भी गोईदी बाई है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 6 मार्च 2026 को गोईदी बाई संदिग्ध परिस्थितियों में घर में मृत पाई गई। उनके भाई सहलू राम ने सन्ना थाने में जाकर बताया कि बहन को घर में मृत हालत में देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहां गोईदी बाई के शरीर और आसपास खून के निशान मिले, और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट के निशान पाए गए। संदेह के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि महिला की मौत प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट की वजह से हुई। इस साफ पता चलता कि महिला की हत्या हुई है।
जादू-टोना के शक में हुआ विवाद
पुलिस ने संदेह पर फुला बाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि गोईदी बाई के पति ठूपन राम ने दूसरी शादी फुला बाई से की है। गोईदी बाई की उसके सौतन फुला बाई से आए दिन झगड़ा होता रहता था।
गोईदी बाई और उसकी सौतन फुला बाई के बीच 5 मार्च 2026 दोपहर करीब 2 बजे किसी बात पर फिर विवाद हुआ। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसके बाद फुला बाई और उसका पति ठूपन राम खेत की तरफ चले गए।
वहीं ठूपन राम का चचेरा भाई सुनील राम और उसकी पत्नी सुरन्ती बाई झोपड़ी में बैठा था।
कुछ देर बाद गोईदी बाई बर्तन धोने के लिए कुएं की ओर जा रही थी। कुछ देर बाद ठूपन राम वापस आया और उसे बहला-फुसलाकर झोपड़ी में ले गया। वहां पहले से बैठे फुला बाई, सुनील राम और सुरन्ती बाई के साथ बैठकर सभी ने शराब पी। इस दौरान सुनील राम ने आरोप लगाया कि उसके घर में बच्चा न होने और उसके पिता को कैंसर होने के पीछे गोईदी बाई का जादू-टोना है।