छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग के झूठे अपहरण की शिकायत से म्यूल खाता सौदों के नेटवर्क का खुलासा हुआ

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग के झूठे अपहरण की शिकायत से म्यूल खाता सौदों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नाबालिग ने पहले अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाकर परिजनों से पैसे मांगे। उसने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उससे 3 लाख रुपए की मांग की है।

बाद में बातचीत के दौरान रकम घटकर 50 हजार रुपए तक पहुंच गई। इस कॉल के बाद उसके भाई आशीष ठाकुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। कुछ समय बाद नाबालिग ने दोबारा फोन कर कहा कि अपहरणकर्ता उसे छोड़ चुके हैं। हालांकि, पुलिस को पूरे मामले पर संदेह हुआ।

पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग म्यूल खाता खरीदने-बेचने का काम करता था। इस बार वह म्यूल खाता बेचने धनबाद गया था। पुलिस ने मामले में धनबाद तथा झारसुगुड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, 3 मार्च को नाबालिग घर से दोस्त की शादी में शामिल होने की बात कहकर निकला था। 4 मार्च को उसने धनबाद से अपने बड़े भाई को व्हाट्सएप कॉल कर बताया कि उसका अपहरण हो गया है। भाई आशीष ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

पूछताछ के दौरान नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर पूरी कहानी बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 3(5), 318(4) और 62 के तहत केस दर्ज किया।

म्यूल खाते नहीं बिके, डर से रची साजिश

पुलिस के मुताबिक नाबालिग म्यूल खाते खरीदने-बेचने में शामिल था। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध लेन-देन में किया जाता है। इस बार वह खाते बेचने धनबाद गया था। जिन लोगों से उसकी बात हुई थी, उन्होंने खाते लेने से मना कर दिया।

पहले दिए गए एडवांस पैसे लौटाने का दबाव भी बनाया गया। पैसे वापस करने का दबाव बढ़ने पर नाबालिग घबरा गया। इसी डर में उसने दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की कहानी रच दी।

लोकेशन के आधार पर पहुंची पुलिस टीम

शिकायत के बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर टीम को धनबाद भेजा। इसी बीच नाबालिग ने फिर फोन कर कहा कि उसे छोड़ दिया गया है और वह घर लौट रहा है। पुलिस को संदेह हुआ। रास्ते में ही नाबालिग को रोककर पूछताछ की गई।

पूछताछ में पूरी सच्चाई सामने आने लगी। इसके बाद पुलिस उसे लेकर धनबाद पहुंची और घटनास्थलों की जांच की। जांच के दौरान दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ जारी है। दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

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