राजधानी समेत प्रदेशभर में 14 मार्च को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में लंबित ई-चालान के मामलों को पेश किया जाएगा। रायपुर में अब तक 6 हजार से ज्यादा ई-चालानों का रजिस्ट्रेशन लोक अदालत के लिए किया जा चुका है। इस बार भी लोक अदालत हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी। इसमें पक्षकारों की भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी मामलों का निराकरण किया जाएगा।
यातायात पुलिस ने इसे चालान निपटाने का अंतिम मौका बताया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लोक अदालत के बाद चालान नहीं पटाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चालान नहीं पटाया जब्त होगा वाहन : ट्रैफिक चालान पटाने के लिए पहले 90 दिन का समय दिया जाता है।
इसके बाद मामला स्वत: कोर्ट में चला जाता है, जहां करीब 45 दिन का समय मिलता है। इस तरह कुल 135 दिन मिलते हैं। इसके बाद भी चालान नहीं पटाने पर वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
15 अक्टूबर 2025 से पहले के चालान ही होंगे शामिल लोक अदालत में केवल उन्हीं ई-चालानों का निराकरण किया जाएगा जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए हैं और न्यायालय में ट्रांसफर हो चुके हैं। यातायात पुलिस ने 10 मार्च तक इसके लिए नजदीकी यातायात थाने में रजिस्ट्रेशन कराने को कहा था। अब तक शहर के सभी यातायात थानों में 6 हजार से ज्यादा चालानों का पंजीयन किया गया है।
वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल और वाट्सएप के जरिए लोक अदालत में शामिल होने की सूचना भी दी जा रही है।