छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई। भिलाई में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में गुरुवार को बीजेपी के कार्यालय का घेराव किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दुर्ग में दुर्ग ग्रामीण और दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से बीजेपी कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने राजीव भवन से बीजेपी कार्यालय तक पैदल यात्रा निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बीजेपी कार्यालय के चारों तरफ पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
भिलाई के प्रियदर्शिनी परिसर में स्थित बीजेपी कार्यालय के बाहर सुबह से ही पुलिस तैनात थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर कार्यालय को घेर लिया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता वहां पहुंचे, उन्होंने कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। काफी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार नहीं कर पाए।
मुकेश चंद्राकर बोले – इतनी बड़ी खेती का पुलिस को पता कैसे नहीं चला
प्रदर्शन के दौरान भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट के सड़क पर निकल जाए तो उसका चालान तुरंत काट दिया जाता है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती हो रही थी और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े कुछ लोग ही इस तरह के काम में शामिल हैं और राजस्व विभाग आंख बंद कर रिपोर्ट दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस और इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल साबित हुई है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हों उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इधर दुर्ग में भी कांग्रेस का प्रदर्शन, राजीव भवन से निकाली पदयात्रा
इधर दुर्ग में भी दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की ओर से बीजेपी कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से बीजेपी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय के पास पहुंचे, वहां पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने यहां भी बैरिकेडिंग कर कार्यालय के चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
प्रदर्शन में कई बड़े नेता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और इसमें बीजेपी से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समोदा और बलरामपुर इलाके में अफीम की खेती मिलने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि अफीम का पौधा कहां से आया, किसने इसकी खेती की, इसे कहां बेचा गया और इससे जुड़े लोग कौन-कौन हैं।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि बीजेपी सरकार में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में भी एक रसूखदार बीजेपी नेता के खेत में अफीम की खेती पकड़ी गई है।
राकेश ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी खेती कैसे शुरू हुई और यह माल कहां खपाया गया। उन्होंने दावा किया कि होली के पहले कंटेनर के जरिए इसे कहीं और भेजे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए और इसमें जो भी लोग शामिल हैं उनकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में जल्द निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।