
अब तक टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 850 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है अब नए चरण में फिर होगी आक्रामक कार्यवाही
पूरन मेश्राम/मैनपुर।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के तौरेंगा बफर वन क्षेत्र में एक ग्रामीण द्वारा अवैध अतिक्रमण के नियत से वृक्षों को सुखाया जा रहा था जिसके खिलाफ वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए आरोपी को जेल भेजा है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 9 फरवरी 2026 को अतिक्रमण में लिप्त आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की गई।कार्यवाही मुख्य रूप से प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक सतोविशा समाजदार और उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व वरुण जैन के निर्देशन में की गई।वन परिक्षेत्र तौरेंगा बफर टीम के मार्गदर्शन में गाजीमुडा सर्कल के आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1180 में आरोपी ने 5.011 हेक्टर में मिश्रित प्रजाति के खड़े वृक्षों की अवैध कटाई और गार्डलिंग किया पाया गया।
खडे वृक्षों की अवैध कटाई 9 नग 2.300 घन मीटर इमारती मिश्रित प्रजाति के खड़े वृक्षों की गार्डलिंग 7नग 2.340 घन मीटर इमारती एवं साइज 46-6061-90 के 41 नग मिश्रित प्रजाति का सूखा घूँटा 2.540 घन मीटर अवैध गतिविधियों के लिए आरोपी मनोज कुमार मरकाम पिता लैखन मरकाम उम्र 51 वर्ष ग्राम कोचेंगा थाना शोभा विखं मैनपुर जिला गरियाबंद के खिलाफ वन अपराध पंजीकरण संख्या 25/18, 9 फरवरी को दर्ज की गई।
आरोपी पर भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की गई।आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद के समक्ष 13 मार्च को पेश किया गया और वारंट के तहत 23 मार्च तक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेजा गया।
इस कार्यवाही में वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा बफर के केजूराम कोरचे, वनरक्षक विनोद कुमार ठाकुर और वन चौकीदार उदे राम यादव का विशेष योगदान रहा। वन विभाग की यह कार्यवाही तौरेंगा बफर क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा और अवैध अतिक्रमण रोकने में अहम कदम साबित हुई।