छत्तीसगढ़ कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। घेराव की रणनीति पर चर्चा की गई। खास तौर पर पुलिस बंदोबस्त के बीच किस तरह से प्रदर्शन को संगठित और प्रभावी बनाया जाए, इस पर विस्तार से विचार किया गया।
इसके साथ ही जिलाध्यक्षों और विधानसभा प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई। कांग्रेस का कहना है कि 17 मार्च को होने वाले इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि, मनरेगा बचाओ संग्राम और प्रदेश के कई स्थानीय मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें बिजली दरों में बढ़ोतरी, किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करना, धान खरीदी में वादाखिलाफी और गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी महासचिव सचिन पायलट सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। घेराव की तैयारियों को लेकर प्रदेश मुख्यालय में पहले भी दो बैठकें हो चुकी हैं। अब जिलों में भी लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा को लेकर लगातार जारी है प्रदर्शन
मनरेगा को लेकर कांग्रेस पहले भी आंदोलन कर चुकी है। दिल्ली में हुई पार्टी बैठक के बाद रायपुर में मनरेगा बचाओ संग्राम समिति की अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और पूर्व मंत्री उमेश पटेल मौजूद रहे थे। बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए थे।
30 जनवरी को प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर चक्का जाम किया गया। इसके बाद 31 जनवरी से 7 फरवरी तक प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा और अन्य मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।