बिलासपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के बाद होटल-ढाबों में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ गई

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के बाद होटल-ढाबों में लकड़ी और कोयले की डिमांड बढ़ गई है। बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी दिख रहा है, जिससे लकड़ी और कोयले के दाम बढ़ गए हैं। घरेलू सिलेंडर की किल्लत के चलते जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग भी हो रही है।

खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए। कार्रवाई के दौरान 6 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें 3 बड़े और 3 छोटे सिलेंडर शामिल हैं।

एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब घरों की रसोई से लेकर होटल-रेस्टोरेंट तक साफ दिखाई दे रहा है। गैस की अनिश्चित सप्लाई और देरी से उपलब्धता के कारण लोग फिर से पारंपरिक ईंधनों का सहारा लेने लगे हैं।

शहर के कई होटल-ढाबों में लकड़ी और कोयले की भट्टियां जलती नजर आ रही हैं। घरों में भी लोग गैस के विकल्प तलाशने लगे हैं। हालांकि होटल-रेस्टोरेंट को जल्द ही कुछ राहत मिलने की संभावना है। करीब 20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की तैयारी चल रही है।

लकड़ी और कोयले की कीमतों में उछाल

अचानक मांग बढ़ने से बाजार में लकड़ी और कोयले के दाम बढ़ गए हैं। व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में लकड़ी की कीमतों में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। पहले 10 रुपए किलो मिलने वाली लकड़ी अब 15 से 20 रुपए किलो तक पहुंच गई है।

वहीं, 35 से 40 रुपए किलो मिलने वाला कोयला अब करीब 50 रुपए किलो में बिक रहा है।

गैस नहीं मिली तो भट्टियों की ओर लौटे होटल-ढाबे

गैस सिलेंडर की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कारोबारियों पर पड़ा है। कई छोटे होटल और चाय-नाश्ते की दुकानें गैस नहीं मिलने के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। कुछ संचालकों ने मजबूरी में लकड़ी और कोयले की भट्टियों का इस्तेमाल फिर शुरू कर दिया है।

यूटर्न ढाबा संचालक विनोद ठाकुर, कम्युनिटी किचन संचालक शिवम सिंह, हरी चटनी होटल संचालक शक्ति सिंह और इबीजा रेस्टोरेंट संचालक विशाल विधानी ने बताया कि लकड़ी और कोयले से खाना बनाना महंगा पड़ रहा है, साथ ही इसमें ज्यादा समय भी लगता है।

कारोबार पर भी पड़ा असर

इसके अलावा कई फास्ट फूड और चाइनीज व्यंजन लकड़ी या कोयले की भट्टियों पर ठीक से तैयार नहीं हो पाते, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। जिन ढाबों में पहले से लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल होता था वहां काम तो चल रहा है, लेकिन लकड़ी के दाम बढ़ने से मेन्यू की कीमतों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।

देसी चूल्हों की बिक्री में तेजी

गैस संकट के बीच बाजार में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों के साथ लोहे और टिन से बने पारंपरिक चूल्हों की बिक्री भी बढ़ गई है। कई लोग अनिश्चित स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन्हें खरीद रहे हैं।

सिलेंडर की कमी का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों पर पड़ा है, जो पहले स्थानीय दुकानों से सिलेंडर रिफिल कराकर काम चला लेते थे। अब गैस की उपलब्धता कम होने से उन्हें दूसरे ईंधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कंडों की मांग भी बढ़ी

लकड़ी और कोयले के साथ गोबर से बनने वाले कंडों या उपलों की मांग भी अचानक बढ़ गई है। बाजार में ये 5 से 7 रुपए प्रति पीस तक बिक रहे हैं। कई लोग इसे अच्छा विकल्प मान रहे हैं, क्योंकि इससे लकड़ी की जरूरत कम पड़ती है और पर्यावरण पर असर भी अपेक्षाकृत कम होता है।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने प्रशासन अलर्ट

घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग के खिलाफ खाद्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। जूना बिलासपुर स्थित हर्ष स्टोर्स में छापेमारी कर घरेलू गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए।

खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि टीम ने संचालक हर्ष गुप्ता की दुकान और घर की जांच की। जांच के दौरान 3 बड़े और 3 छोटे सिलेंडर समेत कुल 6 घरेलू गैस सिलेंडर मिले। मौके से दो पीतल के रिफिलिंग यंत्र और 50 किलो क्षमता की एक हैंगिंग वेट मशीन भी बरामद हुई, जिसका इस्तेमाल अवैध गैस रिफिलिंग में किया जा रहा था।

सभी सिलेंडर और उपकरण जब्त कर लिए गए। जब्त सिलेंडरों को आगे की कार्रवाई के लिए अभिनव गैस एजेंसी को सौंपा गया है।

एजेंसियों से गैस लेने वाला पकड़ा, 11 सिलेंडर जब्त

शनिवार को भारतीय नगर स्थित गरिमा किचन केयर में एएफओ अजय मौर्य और फूड इंस्पेक्टर मंगेश कांत ने छापेमारी की। कार्रवाई में 6 घरेलू सिलेंडर और 5 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से रिफिलिंग उपकरण और तौल मशीन भी मिली।

संचालक ने बताया कि वह मंगला, व्यापार विहार और सकरी की गैस एजेंसियों से सिलेंडर लाता था। अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों की जांच की बात कही है।

अब तक 210 से ज्यादा सिलेंडर जब्त

खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि विभाग की कार्रवाई में अब तक 6 अलग-अलग मामलों में 210 से ज्यादा गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। इन मामलों में घरेलू सिलेंडर के साथ रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही किया जा सकता है। व्यावसायिक उपयोग या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

होटल-रेस्टोरेंट को मिल सकती है आंशिक राहत

गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार होटल-रेस्टोरेंट को जल्द ही कुछ राहत मिलने की संभावना है। करीब 20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि गैस कंपनियों से लगातार चर्चा जारी है।

संभावना है कि सोमवार से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है। शुरुआती चरण में सीमित संख्या में सिलेंडर बाजार में आएंगे, जिससे होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालात सामान्य होने पर सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।