अंबिकापुर के मनेंद्रगढ़ रोड स्थित इंडसइंड बैंक में कार्यरत एक कर्मचारी पर ऋण की किश्तों की अवैध वसूली कर रकम हड़पने का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने खाता धारकों से नगद में राशि वसूलकर उसे बैंक के ऋण खाते में जमा नहीं कराया। इस तरह करीब 7 लाख 50 हजार 390 रुपएके गबन का खुलासा हुआ है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार इंडसइंड बैंक के मैनेजर अरुण कुमार सर्राफ ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि बैंक कर्मचारी सागीर अहमद ने मार्च 2024 से जनवरी 2025 के बीच वाहन फाइनेंस कराने वाले खाता धारकों से ऋण की किश्तें नगद में वसूली।
इस दौरान सागीर अहमद ने खाता धारकों को किसी प्रकार की रसीद नहीं दी। जांच में 7 लाख 50 हजार 390 रुपए के गबन की पुष्टि हुई है।
बैंक से फाइनेंस कराने वाले दोपहिया वाहन मालिकों को जब किश्त जमा करने का नोटिस भेजा गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। वाहन मालिकों ने बताया कि उन्होंने किश्त की राशि पहले ही सागीर अहमद को नगद में दे दी थी।
जांच में सामने आया कि सागीर अहमद ऋण राशि वसूलने के लिए अधिकृत नहीं था। उसने पैसा लेने के बाद न तो रसीद दी और न ही रकम बैंक खाते में जमा की।
दस्तावेजों में हेराफेरी का भी आरोप
बैंक की आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि गड़बड़ी छिपाने के लिए जमा पर्चियों और खातों के विवरण में हेराफेरी की गई। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रकम के गबन को छिपाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले में गांधीनगर पुलिस ने आरोपी सागीर अहमद के खिलाफ धारा 316(5) और 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।