अंबिकापुर के निगम कर्मी को सोने का नकली बिस्किट थमाकर ठगों ने 200 ग्राम सोना और 15 लाख रुपए नगदी की ठगी कर ली। ठगों ने घर में शादी होने का झांसा दिया था। जब कर्मचारी ने बिस्किट की जांच कराई, तो वह नकली निकला।
मामले में सरगुजा पुलिस ने चार अंतरराज्यीय ठगों को गुजरात और यूपी के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 100 ग्राम सोने के जेवर और 20 लाख रुपए से अधिक नगदी बरामद किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के निगमकर्मी के घर कई सालों से मंजू नाम की महिला घी बेचने आती थी। वह खुद को राजस्थान के किशनगढ़ की रहने वाली बताती थी।
होली के त्योहार से पहले मंजू सोने का बिस्किट लेकर निगमकर्मी के घर आई और बोली कि उसके घर शादी है, इसलिए बिस्किट को गहना बनवा दीजिए। कई सालों से घर आने के कारण निगमकर्मी का उसपर भरोसा बढ़ गया था।
सोने का बिस्किट देकर लिए जेवर और नगदी
निगमकर्मी ने मंजू से कहा था कि वे होली के बाद गहना बनाने के लिए देंगे। मंजू 7 मार्च को अपने दो अन्य साथियों के साथ निगमकर्मी के घर पहुंची। उसे जानकारी थी कि निगमकर्मी ने अपनी बेटी की शादी के लिए पहले ही गहने बनवा लिए हैं।
मंजू ने साथ लाए सोने के बिस्किट को निगमकर्मी को देकर कहा कि आपके घर में शादी में देर है। मेरे यहां तत्काल शादी है। आप अपनी बेटी के लिए बनवाए गए गहने और 15 लाख रुपए दे दीजिए। सोने के बिस्किट का वजन 500 ग्राम था।
निगमकर्मी ने सोने का बिस्किट रख लिया और अपनी बेटी की शादी के लिए बनवाए गए कान का टप्स, कंगन, हार, अंगूठी कुल वजन लगभग 200 ग्राम और अपने पास बेटी की शादी के लिए रखा 15 लाख रुपए नगद दे दिया। मंजू और उसके साथी जेवर के साथ नगदी लेकर चले गए।
जांच में नकली निकला बिस्किट तो दर्ज कराई FIR
निगमकर्मी ने महिला और उसके साथियों के जाने के कुछ देर बाद शक होने पर पास की सोनार दुकान में सोने के बिस्किट की जांच कराई। जांच में पता चला कि महिला ने जो सोने के बिस्किट दिए थे, वह नकली थे।
इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट पर पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4), 61(2), 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया।
गुजरात व यूपी से पकड़े गए ठग
अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि पुलिस ने मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की और तकनीकी मदद भी ली। आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस टीम गुजरात पहुंची। पुलिस ने राजकोट से आरोपी मंजू राठौर (44 साल) और संतोष राठौर (45 साल) को हिरासत में लिया।
उन्होंने ठगी करना स्वीकार किया। उनके पास से 7 लाख 78 हजार रुपए नकद और लगभग 50 ग्राम का एक सोने का कड़ा बरामद हुआ।
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस उनके साथियों की तलाश में यूपी पहुंची। पुलिस ने प्रयागराज से सुनीता गुजराती (35 साल) और कमला गुजराती (45 साल), दोनों गुजरात निवासी, को हिरासत में लिया। इनके पास से 12 लाख 53 हजार रुपए नकद और लगभग 50 ग्राम का एक सोने का कड़ा बरामद हुआ।
सभी आरोपियों के पास से कुल 20 लाख 31 हजार रुपए नकद और 2 सोने के कड़े (करीब 100 ग्राम) जब्त किए गए। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बाकी का सोना प्रयागराज के एक सोनार को बेच दिया था। सीएसपी ने कहा कि आरोपी सोनार की तलाश की जा रही है।
चारों आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। सीएसपी ने बताया कि आरोपी मंजू ने प्रार्थी का विश्वास जीत लिया था। इसके बाद उसने साथियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया। सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि आरोपियों द्वारा एक अन्य ठगी की घटना की जानकारी मिली है, जिसकी तस्दीक की जा रही है।
कार्रवाई में कोतवाली टीआई शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, एएसआई अदीप प्रताप सिंह, विनय सिंह सहित भोजराज पासवान, विकास सिन्हा एवं पुलिसकर्मी शामिल थे।