जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के बाद खतरे से बाहर बताया गया

Chhattisgarh Crimesजशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के बाद खतरे से बाहर बताया गया है। सनऊ अपने परिवार के साथ ईंट भट्ठे में मजदूरी के लिए आया था और अस्थायी मकान में रह रहा था। वह मूल रूप से सक्ती जिले के ग्राम डोमा का निवासी था।

वहीं दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुईं। प्रशासन की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर पानी का बहाव रोकने में जुटे हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने सिंचाई के लिए गेट खोला था, जबकि लंबे समय से गेट की मरम्मत और देखभाल नहीं होने के कारण उसकी खराब हालत भी इस घटना की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

बता दें कि प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

अगले 48 घंटों में तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।

तीन मौसमी सिस्टम एक्टिव

  • मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती घेरा (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। उत्तरी मध्य प्रदेश में समुद्र तल से 0.9 किमी की उंचाई पर हवा का गोल घेरा नमी वाली हवाओं को अपनी ओर खींच रहा है।
  • द्रोणिका रेखा (Trough Line) मध्य प्रदेश के इस चक्रवाती घेरे से लेकर महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ तक फैली हुई है। यह रेखा छत्तीसगढ़ के पश्चिमी बॉर्डर के पास है और हवाओं में अस्थिरता पैदा कर रही है।
  • आंध्र प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवात तटीय क्षेत्रों में 3.1 किमी की उंचाई पर बना हुआ है। यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी से भारी नमी छत्तीसगढ़ की ओर धकेल रहा है।

इन तीनों सिस्टम का छत्तीसगढ़ में अगले 24-48 घंटों में असर दिखेगा

नमी और बादलों का जमाव: आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के सिस्टम की वजह से राज्य में लगातार नमी आ रही है। इससे मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ (रायपुर, दुर्ग, बस्तर संभाग) में बादल छाए रहेंगे।

गरज-चमक के साथ बारिश (Thunderstorms): जमीन का तापमान लगभग 36 डिग्री है और ऊपर से ठंडी नमी वाली हवाएं आ रही हैं, जिससे तेज हवाओं और हल्की-मध्यम बारिश की संभावना है।

ओलावृष्टि की संभावना: हवाओं के टकराव (Convergence) के कारण कुछ क्षेत्रों में ओले गिर सकते हैं, खासकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में।

कृषि और फसलों पर असर:

फसलों को नुकसान: बस्तर और दुर्ग संभाग में 10 मिमी या अधिक बारिश हुई क्षेत्रों में रबी की फसलों (गेहूं, चना) को भीगने का डर है। ओले गिरने से कटाई के लिए तैयार फसलें खराब हो सकती हैं।

उद्यानिकी फसलों पर असर: आम के बौर और दलहनी फसलों के लिए बिन मौसम की बरसात और तेज हवाएं नुकसानदेह हो सकती हैं, क्योंकि इससे फूल झड़ सकते हैं।

आम जनजीवन और स्वास्थ्य:

उमस वाली गर्मी: बारिश से पहले हवा में नमी बढ़ने के कारण बेचैनी और उमस महसूस होगी। बारिश के बाद तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी।

बिजली गिरने का खतरा: ऐसे चक्रवाती सिस्टम में आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए खराब मौसम में खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न रुकें।

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