
ठेकेदार ने इस मामले की शिकायत सरगुजा एसीबी से की थी। एसीबी की टीम ने सोमवार को दोनों अधिकारियों को उनके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार चंद्रमणि वर्मा ने एसीबी में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वे नगर पालिका में ठेकेदारी का काम करते हैं। लगभग डेढ़ साल पहले वार्ड नंबर 08, सरोवर मार्ग में सड़क निर्माण का काम किया गया था। इस काम के लिए अधिकारियों ने 9 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी।
ठेकेदार ने बिल रोकने की शिकायत एसीबी से की
चंद्रमणि ने बताया कि रिश्वत की बाकी राशि नहीं देने पर उसका फाइनल बिल भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने पहले ही 20 हजार रुपए रिश्वत के रूप में दे दिए थे।
फाइनल बिल पास करने के लिए जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी इसहाक खान और लेखापाल सुशील कुमार से मुलाकात की तो अधिकारियों ने कहा कि फाइनल बिल तभी बनेगा जब बाकी 33 हजार रुपये भी दे दिए जाएं। चंद्रमणि रिश्वत नहीं देना चाहता था। ऐसे में उसने इस मामले की शिकायत सरगुजा एसीबी से की।
एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ने बिछाया जाल
एसीबी ने शिकायत की सत्यता की जांच करने के बाद इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की टीम अंबिकापुर से प्लानिंग के तहत मनेंद्रगढ़ पहुंची थी। टीम ने एक शिकायत के आधार पर जाल बिछाया। जैसे ही लेखापाल ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान 33 हजार रुपए नगद बरामद किए गए हैं।
ठेकेदार बोला- लंबे समय से परेशान कर रहे थे
ठेकेदार ने बताया कि उन्हें बिल भुगतान के लिए लंबे समय से परेशान किया जा रहा था और बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी।
इसके बाद ठेकेदार ने एसीबी से संपर्क किया। दोनों आरोपियों से मौके पर पूछताछ की गई और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया गया है। एसीबी टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।