
RPF टिकट दलालों पर शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन उपलब्ध और ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऑपरेशन नारकोस चला रहा है। दोनों ऑपरेशन में पिछले तीन साल में लगभग 984 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
अवैध टिकट दलाली में साल दर साल कम हो रही कार्रवाई
अवैध टिकट दलाली रोकने के लिए RPF की ओर से “ऑपरेशन उपलब्ध” चलाया जा रहा है। इसके तहत 2024 में 331 दलाल गिरफ्तार हुए। 1.27 करोड़ रुपए के टिकट जब्त किए गए। वहीं 2025 में 277 दलाल गिरफ्तार, 62.10 लाख रुपए के टिकट जब्त किए गए।
इस लिहाज से देखा जाए तो गिरफ्तारी 2024 की तुलनात्मक 2025 में 54 दलाल कम हुए यानी दलालों की गिरफ्तारी में 16.31% की कमी आई है। लेकिन पैसों के लिहाज से देखा जाए तो यही कमी 51.10% की है, यानी 2024 की तुलना में 2025 में ₹64.90 लाख कम जब्त हुए।
2026 में अब तक 57 दलाल गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे 12 लाख रुपए के टिकट बरामद की गई है। यही रफ्तार रही तो इस साल के अंत तक लगभग 254 दलाल गिरफ्तार हो सकते हैं। जब्त टिकट की कीमत लगभग ₹53.41 लाख हो सकती है, यानी 2025 की तुलना में 8% कम कार्रवाई होगी।
ऑपरेशन नारकोस के तहत पिछले 3 साल में 283 आरोपी गिरफ्तार
इसी तरह ट्रेनों और स्टेशनों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए “ऑपरेशन नारकोस” के तहत विशेष निगरानी रखी जा रही है। 2025 में 63 केस, 78 आरोपी गिरफ्तार हुए। इनके पास से 713.522 किलो ड्रग्स जब्त हुआ, जिसकी कीमत 1.70 करोड़ रुपए है।
वहीं 2026 में अब तक 24 केस में 36 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। 341.745 किलो ड्रग्स जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.71 करोड़ रुपए के करीब है। पिछले 3 सालों में यानी 2023 ये 2025 के बीच कुल 5.30 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त हुए हैं।
इनमें 283 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। RPF ओडिशा से आने वाली ट्रेनों पर विशेष चेकिंग अभियान चला रहा है।
अवैध वेंडरों पर भी लगातार हो रही कार्रवाई
ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में अवैध वेंडिंग के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई जारी है। 2025 में 13,709 वेंडर्स को गिरफ्तार किया गया। इनसे 85 लाख रुपए कुल जुर्माना वसूला गया। वहीं 2026 में अब तक 2,941 वेंडर्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनसे11 लाख रुपए जुर्माना अब तक वसूला जा चुका है।
RPF ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।