
यह घटना 13 नवंबर 2025 की रात करीब 2 बजे नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम ननकट्ठी बस स्टैंड के पास हुई। बदमाशों ने हिताची कंपनी के एटीएम को तोड़कर उखाड़ने की कोशिश की, लेकिन आसपास के लोगों के जागने से प्लानिंग फेल हो गई और आरोपी मौके से भाग निकले।
इस मामले में विनय कुमार (36), निवासी राजीव नगर सुपेला की शिकायत पर नंदिनी नगर थाने में अपराध क्रमांक 292/2025 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(3), 305(ए), 62, 324(4), 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि यह संगठित इंटर स्टेट गिरोह का काम है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में एटीएम को निशाना बनाते थे। वारदात से पहले रायपुर समेत आसपास के इलाकों में कई दिनों तक रेकी की जाती थी।
मेटाडोर से ATM उखाड़ने की कोशिश
आरोपियों ने ग्राम गनियारी से मेटाडोर वाहन (CG 07 AV 1310) चोरी किया था। इसी वाहन का उपयोग एटीएम उखाड़ने के प्रयास में किया गया। रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से एटीएम मशीन को वाहन से बांधकर खींचने की कोशिश की गई।
तकनीकी साक्ष्य और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। दोनों को मध्यप्रदेश के कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ निवासी आरीफ उर्फ बाठू (35) और शामली निवासी अहसान उर्फ एहसास (35) शामिल हैं।
कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट मिलने के बाद दोनों को रिमांड पर लिया गया, जहां उन्होंने अपराध स्वीकार किया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों ने बताया कि वारदात के समय मोबाइल फोन बंद रखते थे। इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क करते थे। सीसीटीवी कैमरों पर पेंट या ग्रीस लगाकर फुटेज खराब करते थे। हर वारदात में अलग वाहन का उपयोग, नंबर प्लेट बदलते थे।
इसके अलावा टोल प्लाजा से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल और होटल या ढाबा से दूरी बनाकर पहचान छिपाते थे।
रेकी का नया तरीका
गिरोह के सदस्य फेरीवाले या ड्राइवर बनकर दूसरे राज्यों में घूमते थे, ताकि बिना शक के इलाके की रेकी कर सकें। घटना से दो दिन पहले आरोपी रायपुर होते हुए ननकट्ठी पहुंचे और सुनसान जगह को चुना।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य एटीएम से नगदी चोरी कर आर्थिक लाभ कमाना था। पुलिस ने आरोपियों के पास से मेटाडोर, रस्सी और एटीएम तोड़ने में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए हैं।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपियों का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उनके खिलाफ थाना माधवनगर, कटनी (म.प्र.) में अपराध क्रमांक 1016/2025, थाना बावना, मेरठ (उ.प्र.) में अपराध क्रमांक 40/2018, जीआरपी मेरठ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला और थाना दोघाट (उ.प्र.) में अपराध क्रमांक 09/2016 दर्ज है। इससे स्पष्ट है कि आरोपी पहले भी चोरी, संगठित अपराध और मादक पदार्थ से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं।