
पूरन मेश्राम/मैनपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंँचाने का लक्ष्य रखा गया है,लेकिन मैनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कोकड़ी के आश्रित ग्राम चिपरी में यह योजना धरातल पर पूरी तरह विफल होती नजर आ रही है। यहां लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पानी टंकी आज शो पीस बनकर रह गई है, जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व गांँव में पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जो अब बनकर तैयार तो हो चुका है, लेकिन इसके साथ जुड़ी पाइपलाइन व्यवस्था अधूरी पड़ी है। ठेकेदार द्वारा आधे-अधूरे तरीके से पाइपलाइन बिछाई गई है। जिसके कारण अब तक किसी भी घर में नल के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। नतीजन ग्रामीणों को आज भी पेयजल के लिए पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।ग्राम चिपरी के मुखिया शिकारी राम मरकाम, सखाराम, जगदेव मरकाम, देवी सिंह मरकाम, बृजलाल सोरी, श्यामलाल सोरी, सुकनाथ परदे, विश्राम मरकाम (ग्राम पटेल), बीसरुराम मरकाम (उपसरपंच) कूनोराम मरकाम, मगन्तीन बाई, ललिता मंडावी, फूलवती मरकाम, सविता मरकाम, अघन बाई परदे और सुनीता सोरी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत गांव में जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के चलते यह सपना अधूरा ही रह गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा गया है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।