छत्तीसगढ़ के बलरामपुर नगर पालिका परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव राय का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस ऑडियो में वे जनप्रतिनिधियों को “कुत्ता” बोल रहे हैं।
साथ ही, जनप्रतिनिधियों को खुलेआम चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि मेरा ट्रांसफर कराने की इनकी “औकात” है। अब सीएमओ का यह ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वहीं, नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री से CMO की कार्यप्रणाली और उनके बर्ताव को लेकर शिकायत की थी। हालांकि, वायरल ऑडियो की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दो दिन पहले बलरामपुर नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर सरकारी संपत्ति के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा। वार्ड नंबर 14 के पार्षद गौतम सिंह ने कहा कि सीएमओ ने एक टैंकर को गलत तरीके से बेच दिया।
पार्षद ने इस मामले में थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अब जानिए पूरा मामला
दरअसल, दो दिन पहले बलरामपुर नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में सीएमओ ने जनप्रतिनिधियों के बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
ऑडियो में सीएमओ ने पार्षदों को “कुत्ता” कहकर अपमानित किया और मंत्री के पास शिकायत करने पर उन्हें अपमानित कर वापस भेजने की बात की। साथ ही, जनप्रतिनिधियों को खुलेआम चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि मेरा ट्रांसफर कराने की इनकी “औकात” है।
अब जानिए ऑडियो में क्या कहा
सीएमओ: मंत्री का करीबी बनता है। दो लात पड़ा है तो वापस आया है।
परिषद की बैठक में नहीं आया था। फिर आज फिर कुत्ता जैसा परिषद की बैठक में आया था।
सीएमओ ने पत्रकार से कहा- इस खबर को चलाइए। बताइए कि सीएमओ ऐसे बोल रहा था।
बताइए कि सीएमओ बोल रहा था उसको कुत्ता बना दिए हैं। ये सब बताइए उसको
पत्रकार: अभी तो ये लोग रायपुर गए थे, क्या हुआ।
सीएमओ: लात पड़ा वापस आ गए। औकात है इन लोगों का मेरा ट्रांसफर कराने का। पूछिएगा औकात है…औकात
ये तो गैंग बनाकर गए थे।
बोलिएगा सीएमओ पूछ रहा था कि औकात है। बल्कि रिकॉर्डिंग मेरा सुना दीजिएगा।
पार्षदों ने जताई नाराजगी
पार्षद अमित गुप्ता मंटू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकर्ताओं को परिवार जैसा मानते हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उन्हें “देवतुल्य” कहकर सम्मान देते हैं। ऐसे में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बारे में इस तरह की कथित टिप्पणी बिलकुल गलत और निंदनीय है।
अमित गुप्ता मंटू ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित सीएमओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।