बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में वन विभाग ने एक अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तेंदुए की खाल के साथ नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल), राज्य उड़नदस्ता दल रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
2 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर टीम ग्राम जमई (थाना बसंतपुर) के मोड़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई, जिनके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई।
टीम ने अलग-अलग जगहों पर दबिश दी और कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कुल दो तेंदुए की खाल जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के निवासी शामिल हैं। सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है।
मामले में परिसर रक्षक जमई ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22289/09 दर्ज किया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की गई है। भारतीय तेंदुआ अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यप्राणी है, जिसकी तस्करी गंभीर अपराध है।
अन्य लोगों की तलाश जारी
सभी आरोपियों को 3 अप्रैल 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वाड्रफनगर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि प्रकरण की विवेचना जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। विभाग ने वन्यजीव अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही है।