जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्रामीण सुबह जंगल में महुआ चुनने जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें रास्ते में एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक मासूम बच्चे को पड़ा हुआ पाया, जिसके शरीर पर चींटियां लगी हुई थीं।
बच्ची की हालत गंभीर जिला हॉस्पिटल रेफर
ग्रामीणों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए शिशु को उठाया और उसकी साफ-सफाई की। इसके बाद, वे उसे तत्काल 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल वाड्रफनगर ले गए, जहां उसे भर्ती कराया गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, नवजात की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर रेफर कर दिया गया है।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस नवजात को इस हालत में छोड़ने वाले अज्ञात परिजनों की तलाश कर रही है।