
यह घेराव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और गुढियारी के लोगों ने किया। सुबोध हरितवाल ने अधिकारियों को बाहर बुलाया और कहा कि मैं AC कमरे में आकर बात नहीं करूंगा और उल्टा अधिकारियों को बाहर धूप में बुलाकर बात की। जिससे AC में रहने वाले अधिकारी गर्मी से परेशान जनता की तकलीफ को महसूस कर सके।
सुबोध हरितवाल ने बताया कि, रायपुर राजधानी होने बावजूद और राज्य में सरप्लस बिजली होने के बाद भी यहां पर लगातार बिजली कटौती जैसी समस्या से जनता को जूझना पड़ रहा है। अगर गुढियारी क्षेत्र की बात करे तो पिछले 5 दिनों से रोज रात बिजली बिना सूचना के गुल की जाती है।
सुबह तक बिजली आने का कोई अंदेशा नहीं रहता और दुर्भाग्य ये है कि बिजली विभाग के सहायता केंद्र में फोन उठने वाला व्यक्ति गायब रहता है या तो फोन को उठाकर नीचे रख देता है। जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है और विभाग चैन की नींद सोता रहता है।
सुबोध हरितवाल ने बताया कि, हमने अपनी मांगों से विभाग को रुबरु करवाते हुए जनता का विरोध दर्ज करवाया है। ये चेतावनी भी दी है कि व्यवस्था में यदि सुधार नहीं लाया गया तो उग्र आंदोलन होगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
1. रातभर के लिए हो रही बिजली कटौती तत्काल रोकी जाए।
2. लाइनमैन की व्यवस्था पर्याप्त हों जिससे काम तत्काल किया जा सके।
3. फ्यूज और डीओ बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के लिए कर्मचारी भेजे जाए।
4. ओवरलोड की वजह फेल हो रहे ट्रांसफार्मर की संख्या बढ़ाई जाए।
5. जनता का कॉल ना उठाने वाले सहायता केंद्र ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों से मिला आश्वासन
इस पर विभाग के उपस्थित अधिकारी SE महेश ठाकुर और EE रामकुमार साहू ने जनता को आश्वस्त किया है कि, जल्द से जल्द बिजली कटौती रुकेगी और साथ ही सहायता केंद्र ठेकेदार पर कार्रवाई भी की जाएगी।
इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व महापौर एजाज ढेबर, ब्लॉक अध्यक्ष सुधा सरोज, ब्लॉक अध्यक्ष किशन बाजारी, पूर्व पार्षद सुंदर जोगी, रमाकांत शर्मा, अमित काचलवार, विक्की साहू, जितेंद्र साहू, प्रगति वाजपई, रशीद खान, कुंदन सिन्हा, तोरण साहू, बल्ली भैया, ऋषि सरोज, रोशन खान, दीपेंद्र ठाकुर, शानू दीवान, जीतू पाल, अमित मीतू तिवारी, अजीत कोली, मोना पटले समेत कार्यकर्ता उपस्थित रहें।