
जानकारी के अनुसार शहर से लगे ग्राम पंचायत बेमचा के खसरा नंबर 3110/3 की करीब 1 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर लंबे समय से अजय कुर्रे का कब्जा था। आरोप है कि अजय कुर्रे ने इस सरकारी जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया था।
इसमें से कुछ जमीन महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय के लाइब्रेरियन सूरज रात्रे को भी बेची गई थी। लगभग 6 महीने पहले इस जमीन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कब्जाधारी अजय कुर्रे के बीच विवाद हुआ था।
मामला थाने तक पहुंचा, बाद में हुआ समझौता
यह मामला थाने तक पहुंचा और दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सरपंच देवेंद्र चंद्राकर और वर्तमान कब्जाधारी सूरज रात्रे के बीच 4 लाख रुपए के लेन-देन के आधार पर समझौता हुआ, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई।
एसीबी में शिकायत और ट्रैप कार्रवाई
इसी मामले में सूरज रात्रे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप किया। रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिसमें सरपंच और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत के सबूत जुटाए गए।
रंगे हाथ पकड़ा गया सरपंच
गुरुवार शाम करीब 4 बजे एसीबी टीम ने जनपद पंचायत कार्यालय से कुछ ही दूरी पर कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को सूरज रात्रे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरपंच को पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया। फिलहाल इस मामले टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।