सक्ती जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई

Chhattisgarh Crimesसक्ती जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती प्रशांत कुमार शिवहरे ने सुनाया।

न्यायालय ने 5 जून 2026 को आरोपी धनीराम शिकारी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अगर वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला थाना बाराद्वार से जुड़ा है।

अब जानिए पूरा मामला

अभियोजन के अनुसार, यह घटना 25 जून 2025 की सुबह की है। ग्राम अकलसरा निवासी मनोहर दास महंत को गांव के मनीराम शिकारी की हत्या की जानकारी मिली। जब वे मृतक के घर पहुंचे तो मनीराम का शव घर की परछी में कपड़े से ढका हुआ मिला। कपड़ा हटाने पर उसके सिर में गंभीर चोट के निशान दिखाई दिए।

मनोहर दास ने मृतक के 12 वर्षीय बेटे राजू शिकारी से घटना के बारे में पूछताछ की। राजू ने बताया कि 24 जून 2025 की रात करीब 8 बजे उसके पिता मनीराम शिकारी और उसके बड़े पिता धनीराम शिकारी के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

विवाद इतना बढ़ गया कि धनीराम ने घर के सामने इमली के पेड़ के नीचे टांगी से मनीराम के सिर पर हमला कर दिया। इससे मनीराम की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की जानकारी गांव के सरपंच पुरुषोत्तम नायक, पंच नील सिंह सिदार और गुरबार सिंह चंद्रा को भी दी गई थी।

इस मामले में मृतक की पत्नी मंटोराबाई शिकारी ने भी गवाही दी। उसने बताया कि उनकी पहली शादी परसापाली निवासी पितरलाल शिकारी से हुई थी, लेकिन उसके पति ने दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद वह पिछले करीब तीन साल से मनीराम शिकारी के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी।

उसने यह भी बताया कि घटना वाली रात वह, मनीराम और उनका बेटा राजू शिकारी घर पर मौजूद थे।

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