
जानकारी के अनुसार, दोनों क्षेत्रों के टैक्सी चालक क्षेत्राधिकार और यात्रियों को लेकर अक्सर विवाद करते हैं। पर्यटकों से मनमाने किराए की वसूली, वाहनों की अनुपलब्धता और चालकों के बीच कहासुनी जैसी समस्याओं से यात्रियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यटकों ने बताया कि पेंड्रा रोड स्टेशन से अमरकंटक आते समय उन्हें कई बार बीच रास्ते में रोका जाता है या वाहन बदलने पर मजबूर किया जाता है। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के चलते उन्हें देर रात तक वाहन नहीं मिल पाया, जिससे उनकी यात्रा बाधित हुई।
बाहरी पर्यटकों में जा रहा नकारात्मक संदेश
स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि इस विवाद से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों में नकारात्मक संदेश जा रहा है। इसका अमरकंटक के पर्यटन कारोबार पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। होटल संचालक, गाइड और दुकानदार भी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
दोनों पक्षों के टैक्सी चालकों के बीच बैठक की मांग
प्रशासन से मांग की गई है कि दोनों पक्षों के टैक्सी चालकों के बीच बैठक कर स्पष्ट नियम बनाए जाएं। साथ ही किराए की सूची निर्धारित की जाए और यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अवैध वसूली या यात्रियों को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।