रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में सरकार का ध्यान साइबर ठगी के ट्रेंड ‘डिजिटल अरेस्ट’ की ओर खींचा

Chhattisgarh Crimesरायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में सरकार का ध्यान साइबर ठगी के ट्रेंड ‘डिजिटल अरेस्ट’ की ओर खींचा। सांसद अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों की पूरी जीवनभर की कमाई कुछ ही मिनटों में उड़ा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन लुटेरे अब पुलिस अफसर बनकर वीडियो कॉल करते हैं, वर्दी में दिखाई देते हैं और फर्जी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं।

सांसद अग्रवाल ने सदन में कहा कि डिजिटल अरेस्ट के इस गिरोह की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग, अकेले रहने वाले लोग और तकनीक से अनभिज्ञ वर्ग आ रहा है। ऐसे पीड़ितों से लुटेरे उनकी बचत, रिटायरमेंट फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट तक एक झटके में निकलवा लेते हैं।

सांसद अग्रवाल ने साइबर ठगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले 3 सालों में डिजिटल अरेस्ट की आड़ में ऑनलाइन ठगी के 40 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन केसों में करीब 32 करोड़ की ठगी हुई है। साथ ही उन्होंने लोगों को साइबर ठगी से बचाने कुछ महत्वपूर्ण भी सुझाव भी दिए।

सांसद बृजमोहन ने दिए ये सुझाव

  • यदि किसी बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर होती है तो उसकी 50% राशि को कम से कम 24 घंटे के लिए होल्ड कर दिया जाए। उनके अनुसार, यह सुरक्षा-व्यवस्था ऑनलाइन लूट को काफी हद तक रोक सकती है और पीड़ितों को पैसा बचाने के लिए समय मिल सकता है।
  • जिस तेजी से डिजिटल फ्रॉड का दायरा बढ़ रहा है, सरकार को भी उसी रफ्तार से तकनीकी सुरक्षा बढ़ानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुजुर्गों और आम लोगों को इस साइबर जाल से बचाना अब बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि ऑनलाइन लुटेरे मिनटों में लोगों की पूरी जिंदगी की कमाई चट कर रहे हैं।

    डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़े

    सांसद अग्रवाल ने बताया कि हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ में इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसमें छात्र, कारोबारी और वरिष्ठ नागरिक तक निशाना बन रहे हैं। उन्होंने कहा, “डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर सुरक्षा जनता का पहला अधिकार है। ठगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।”

    सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि मंत्रालय इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट लेकर आएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    3,000 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ को उभरती हुई गंभीर चुनौती मान चुका है। उन्होंने बताया कि सिर्फ भारत में सीनियर सिटीजंस समेत हजारों पीड़ित अब तक 3,000 करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं।