जगदलपुर शहर में जल व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम अब अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा

Chhattisgarh Crimesजगदलपुर शहर में जल व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम अब अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है। निगम ने साफ कर दिया है कि 1 मई 2026 से शहर में कहीं भी अवैध नल कनेक्शन पाए जाने पर संबंधित उपभोक्ता को कनेक्शन वैध कराने के लिए 14 हजार 200 रुपए की राशि देनी होगी।

इससे पहले शहर के लोगों को राहत देते हुए 30 अप्रैल तक निर्धारित 5 हजार रुपए में कनेक्शन नियमित कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। दरअसल, नगर निगम ने 17 फरवरी से शहर के अलग-अलग वार्डों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। पीएचई अमले की टीम लगातार घर-घर सर्वे कर अवैध कनेक्शनों की पहचान कर रही है।

अब तक इस अभियान के तहत 286 अवैध नल कनेक्शन चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 204 उपभोक्ताओं ने आगे आकर निर्धारित शुल्क जमा कर अपने कनेक्शन को वैध करा लिया है, जबकि नियमों की अनदेखी करने वाले 82 उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगम ने काट दिए हैं।

शहर में 24 हजार वैध नल कनेक्शन उपभोगता

नगर निगम जल कार्य विभाग के सभापति सुरेश गुप्ता ने बताया कि 18 मार्च 2026 को आयोजित सामान्य सभा में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि शहर में करीब 24 हजार वैध नल कनेक्शनधारी नियमित रूप से जलकर का भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में अवैध कनेक्शन रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई थी।

यह अभियान न केवल राजस्व बढ़ाने के लिए है, बल्कि जल वितरण व्यवस्था को समान और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए भी अहम कदम है। उन्होंने कहा कि अवैध कनेक्शन के कारण न केवल निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है, जिससे नियमित उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निगम यह अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।

30 अप्रैल नियमित करवाने की अंतिम तिथि

नगर निगम ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जिन परिवारों ने अब तक अवैध नल कनेक्शन ले रखे हैं, वे बिना देर किए 30 अप्रैल तक अपने कनेक्शन को वैध करा लें और भारी जुर्माने से बचें। इसके लिए शहर के लोग अपने-अपने क्षेत्र के पार्षद से संपर्क कर सकते हैं या सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल के बाद अभियान और तेज किया जाएगा। अवैध कनेक्शन पाए जाने पर न केवल 14 हजार का जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही बकाया जलकर की वसूली की प्रक्रिया भी नियमित रूप से जारी रहेगी।

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