
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर पिछले कई दिनों से शहरी क्षेत्र में घूम रहा था और स्थानीय लोग उसे खाने-पीने की चीजें देते थे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह उछल-कूद करते हुए प्रभात डेरी के पास पहुंचा और ऊपर से गुजर रहे 11 केवी तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसे तेज करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
विधि-विधान के साथ बंदर का अंतिम संस्कार
बंदर की मौत की खबर मिलने पर कोरबा गौ सेवक दल और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन विभाग को भी सूचित किया। गौ सेवा की गाड़ी उपलब्ध न होने पर कार्यकर्ताओं ने अपनी निजी गाड़ी में शव को ले जाकर पूरे विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया।
खुले तारों को कवर करने की मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर मिलनसार था और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता था। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। वहीं, विद्युत विभाग से तारों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर में खुले तारों से आए दिन मवेशियों और वन्यजीवों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिसके चलते लोगों ने प्रशासन से तारों को कवर करने या ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है।