
पीड़ित जयंत बागची (61) भिलाई स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और वे सेना में भी सेवा दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2026 को वह अपने मोबाइल पर फेसबुक देख रहे थे। तभी उन्हें एक वीडियो और पोस्ट दिखा, जिसमें बड़े-बड़े लोगों के नाम पर निवेश करने की बात कही गई थी।
इसी पर भरोसा करके उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया और रजिस्ट्रेशन कर लिया। शुरुआत में उनसे 18,998 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर मांगे गए।
इसके बाद कृतिका नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को कंपनी की प्रतिनिधि बताया। पैसे जमा करने के बाद उन्हें एक “अकाउंट मैनेजर” सिद्धार्थ विपुल से जोड़ा गया, जिसने व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू की।
विदेशों में कारोबार का नाम लेकर देते रहे झांसा
इसके बाद धीरे-धीरे उनसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर पैसे निवेश करवाए जाने लगे। पहले उनसे 1 लाख रुपए लिए गए, फिर धीरे-धीरे 5-5 लाख रुपए की किस्तों में रकम बढ़ती गई।
ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया में चलता है और उन्हें हर दिन मुनाफा हो रहा है।
ईरान-इजराइल युद्ध का हवाला देते हुए सोने पर भी करवाया निवेश
26 मार्च को एक और व्यक्ति करण तनेजा को जोड़ा गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देते हुए सोने में निवेश की सलाह दी। कहा गया कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव की वजह से सोने के भाव गिरे हैं और आगे तेजी आएगी।
इस लालच में आकर पीड़ित ने 25 लाख रुपए और ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान ठगों ने भरोसा बनाए रखने के लिए बीच-बीच में छोटी रकम वापस भी भेजी। जैसे एक बार 9,229 रुपए और दूसरी बार 2 लाख रुपए उनके खाते में डाले गए।
इससे पीड़ित को लगा कि निवेश सही दिशा में जा रहा है। इसके बाद उन्होंने ऑयल ट्रेडिंग और अन्य सेक्टर में निवेश के नाम पर और 9 लाख रुपए अलग-अलग तारीखों में ले लिए। इस तरह कुल मिलाकर 45,18,998 रुपए की रकम ठगों के पास चली गई।