
घटना 19 अक्टूबर 2025 की रात की है। आरोपी भैयालाल बैगा का अपनी पत्नी रामकली बैगा से घरेलू बातों को लेकर विवाद हुआ था। भैयालाल अपनी पत्नी के शराब पीने और घर का काम न करने की आदतों से नाराज था।
इसी विवाद के दौरान आवेश में आकर भैयालाल ने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी (टंगिया) से प्राणघातक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत प्रकरण न्यायालय में पेश किया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए भैयालाल बैगा को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।