
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ERO और AERO को स्पष्ट निर्देश दिए कि गणना पत्रकों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें अनिवार्य रूप से BLO ऐप के माध्यम से अपलोड कराया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जा रहा है, तो उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
यशवंत कुमार ने कहा, कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए छूटे हुए सभी योग्य मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया जाए। साथ ही ASD श्रेणी में शामिल अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के मामलों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार सटीक जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया।
बूथ लेवल एजेंटों के समन्वय कर सूची साझा करें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अप्राप्त (Uncollected) गणना पत्रकों को लेकर भी निर्देश दिए कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ समन्वय कर सूची साझा की जाए और उनके हस्ताक्षर लिए जाएं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची का अद्यतन कार्य पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
SIR की समय-सीमा 7 दिन बढ़ी, संशोधित कार्यक्रम जारी
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली ने निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार SIR प्रक्रिया को 7 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब घर-घर मतदाता सत्यापन का कार्य 18 दिसंबर तक किया जाएगा।
मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 23 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक तय की गई है। वहीं, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक चलेगी।