
दरअसल, कचना ओवरब्रिज पर डामरीकरण सहित सभी प्रमुख कार्य 7 मई को ही पूरे हो चुके थे। ओवरब्रिज के लोकार्पण से पहले देर रात तक ब्रिज पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चलता रहा।
ओवरब्रिज नहीं खुलने के कारण रोजाना हजारों लोगों को रेलवे फाटक पर जाम, तपती धूप और बारिश के बीच घंटों तक रेलवे क्रॉसिंग खुलने का इंतजार करना पड़ता था। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद शहर के 3 लाख से अधिक लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
5-8 बजे तक ट्रैफिर रूट में बदलाव
लोकार्पण समारोह के दौरान आज शाम 5 बजे से 8 बजे तक खम्हारडीह-कचना मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अनुपम नगर से कचना जाने वाले वाहन श्रीराम नगर ओवरब्रिज, अशोक रतन और बीएसएनएल कार्यालय होते हुए कचना रेलवे फाटक मार्ग से जाएंगे।
वहीं, कचना से खम्हारडीह आने वाले वाहन बीएसएनएल कार्यालय, अशोक रतन और श्रीराम नगर ओवरब्रिज होकर अनुपम नगर चौक पहुंच सकेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री समेत पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव, विधायक और स्थानीय पार्षद शामिल होंगे।
हर 15 मिनट में बंद हो रहा फाटक
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर पिछले कुछ सालों में ट्रेनों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान में इस रूट पर 24 घंटे में 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं।
यानी औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद हो रहा है। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को रेलवे फाटक पर जाम और तपती धूप और बारिश में लोग घंटों रेलवे क्रॉसिंग खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।