
जबकि इस कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा कई स्टूडेंट का एग्जाम फॉर्म भी नहीं भरा गया है।इन बच्चों को एडमिट कार्ड भी जारी नहीं किया गया था। यानी पिछले सेमेस्टर का रिजल्ट जारी किए बिना ही अगले सेमेस्टर का एग्जाम कंडक्ट कर लिया गया।छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस अनियमितता के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन कोई एक्शन लिया नहीं गया।
पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि टेक्निकल समस्याओं के कारण बच्चों का एग्जाम फॉर्म फिल नहीं जा सका था। ये समस्या हल हो गई है। फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम का रिजल्ट 1 से 2 दिन में जारी कर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फर्स्ट सेमेस्टर में अगर कोई बच्चा फेल भी होता है तो उसे सेकंड सेमेस्टर में क्लास कंटिन्यू करने की अनुमति दी जा सकती है। स्टूडेंट अगर सेकंड सेमेस्टर और फर्स्ट सेमेस्टर दोनों में खराब परफॉर्मेंस करता है।
वह फेल होता है तो थर्ड सेमेस्टर में एंट्री पर रोक लगाई जा सकती है। इस कैलकुलेशन के हिसाब से फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आने की स्थिति पर भी सेकंड सेमेस्टर के एग्जाम में बच्चे बैठ सकते है।