छत्तीसगढ़ के सरगुजा में गर्भवती और नवजात की मौत का एक और मामला सामने आया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के सरगुजा में गर्भवती और नवजात की मौत का एक और मामला सामने आया है। बैकुंठपुर के हॉस्पिटल में सामान्य डिलीवरी के बाद बच्चे की मौत हो गई, जबकि हालत बिगड़ने पर महिला को अंबिकापुर रेफर किया गया। हॉस्पिटल पहुंचने के पहले ही उसकी भी मौत हो गई। एक सप्ताह के भीतर नवजात और गर्भवती की मौत का यह दूसरा मामला है।

जानकारी के मुताबिक, कोरिया जिले के पटना थाना के खोंड़, चिटकीपारा निवासी सविता (26) पति संतोष कुमार 9 महीने की प्रेग्नेंट थी। संतोष कुमार ने बताया कि, 13 दिसंबर को सविता को प्रसव पीड़ा होने पर बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां अचानक उसका बीपी हाई होने लगा तो डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया।

रेफर किए जाने के बाद परिजन उसे लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल में पहुंचे, जहां महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के कुछ समय बाद नवजात की मौत हो गई। वहीं, सविता को भी अधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। ब्लीडिंग के कारण महिला की स्थिति गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया।

हॉस्पिटल पहुंचने से पहले मौत

परिजन प्रसूता को लेकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। यहां पहुंचने के पहले ही उसकी सांसें थम गईं। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत का एक सप्ताह में यह दूसरा मामला है। इससे पहले 9 दिसंबर को सूरजपुर से प्रसूता को रेफर किए जाने पर एम्बुलेंस में उसका प्रसव हो गया और हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मां-बच्चे की मौत हो गई थी।

नाबालिग का अबॉर्शन, बच्चे की मौत

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक 16 वर्षीय नाबालिग की डिलीवरी हुई थी। वो 8 महीने से प्रेग्नेंट थी। नाबालिग को 8 साल पहले सरभंजा निवासी एक युवक अपने साथ ले गया था। उसे पत्नी बनाकर रखा हुआ था।

प्रेग्नेंट किशोरी को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने पर उसे मैनपाट के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसके प्रेग्नेंट होने की जानकारी नहीं दी गई। चिकित्सक ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान बिस्तर पर ही अचानक उसका गर्भपात हो गया।

इस मामले में नाबालिग के परिजन की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है।