
दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद मामला अब प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। वहीं, मौके पर पहुंचे अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने जमीन का निरीक्षण किया और वहां रह रहे परिवारों पर अतिक्रमण का आरोप लगाया। साथ ही जांच-कार्रवाई की बात कही।
जानकारी के मुताबिक हाल ही में जमीन पर रह रहे परिवार ने निर्माण कार्य शुरू किया था। यहां दीवार निर्माण का काम चल रहा था, जिसका मस्जिद कमेटी ने विरोध किया। कमेटी का आरोप है कि वक्फ की जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा है।
विवाद की सूचना मिलने के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। मामले के तूल पकड़ने के बाद छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज मस्जिद कमेटी के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जमीन का निरीक्षण किया।
साथ ही डॉ. सलीम राज ने वहां रह रहे परिवारों पर अतिक्रमण का आरोप लगाया। डॉ. सलीम राज ने कहा कि संबंधित जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और मामले की जांच कर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार बोला- जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज हमारे पास
वहीं दूसरी ओर तनवीर अहमद और उनके परिवार ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। परिवार का कहना है कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं। परिवार के मुताबिक, उनके पास जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।
उनका दावा है कि नगर निगम के रिकॉर्ड में भी जमीन उनके नाम पर दर्ज है। परिवार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इसी जमीन के आधार पर उन्हें लोन स्वीकृत हुआ है, जिससे यह साबित होता है कि जमीन निजी स्वामित्व की है।
थाने तक पहुंचा मामला
मामले को लेकर मस्जिद कमेटी ने तेलीबांधा थाना में शिकायत करने की बात कही है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन पर वास्तविक अधिकार किसका है।