
जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने दवाओं के क्रय-विक्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, सप्लायर की जानकारी, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और वैध लाइसेंस दस्तावेजों की पड़ताल की। अधिकारियों ने खास तौर पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं की बिक्री और संदिग्ध स्टॉक पर नजर रखी।
19 होलसेल और 73 रिटेल दुकानों में जांच
अभियान के तहत रायपुर जिले में कुल 19 होलसेल और 73 रिटेल मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान कर दवाओं के विक्रय से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की।
3 फर्मों में मिली अनियमितता, नोटिस जारी
जांच में 3 फर्मों में अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को औषधि-प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विभाग ने फर्म संचालकों से नियमानुसार जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
भविष्य में नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
विभाग ने सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों को क्रय-विक्रय डॉक्यूमेंट्स व्यवस्थित रखने और दवाओं का विक्रय तय नियमों के अनुसार करने की चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और जवाब मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।