
जयचंद पर 7-8 करोड़ रुपए की अवैध कोल लेवी सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने का आरोप है। डायरी और वॉट्सऐप चैट्स में ‘जय’ नाम की एंट्रियों से लेन-देन की पुष्टि हुई है। आरोपी ने अवैध रकम से खुद और परिवार के नाम पर संपत्तियां खरीदी हैं। इसकी जांच जारी है।
बता दें कि अवैध कोल लेवी केस में अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है। आगे और नाम जुड़ने के संकेत हैं। EOW के अनुसार, इस प्रकरण में पहले जुलाई 2024 में 15 आरोपियों, अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों, अक्टूबर 2025 में 2 आरोपियों और अब जयचंद कोशले को मिलाकर कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है।
पहले चालान में पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया, निलंबित IAS रानू साहू, समीर विश्नोई, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर सहित कई नाम शामिल थे।
सौम्या चौरसिया का करीबी, CM सचिवालय में था निज सहायक
EOW के मुताबिक आरोपी जयचंद कोशले उर्फ जय, मुख्यमंत्री सचिवालय में सौम्या चौरसिया का निज सहायक था। जांच में सामने आया है कि वह अवैध कोल लेवी से वसूली गई भारी नगद राशि का रिसीवर और मीडिएटर था।
डायरी और डिजिटल सबूतों से खुलासा
जांच के दौरान जब्त डायरी में ‘जय’ नाम से दर्ज सभी एंट्रीज जयचंद कोशले और सौम्या चौरसिया से जुड़ी पाई गई हैं। डायरी में दर्ज एंट्रियां अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के मोबाइल से वॉट्सऐप ग्रुप की रियल-टाइम एंट्रियां, डिजिटल चैट्स और हिसाब-किताब भी बरामद किए गए हैं। जिनमें ‘जय’ के नाम से रकम की जानकारी दर्ज है।
7 से 8 करोड़ की वसूली, संपत्तियों में निवेश
EOW का दावा है कि जयचंद कोशले ने सूर्यकांत तिवारी के निवास और अन्य स्थानों से सौम्या चौरसिया के निर्देश पर करीब 7 से 8 करोड़ रुपए की अवैध कोल लेवी की रकम प्राप्त की। इस रकम का एक हिस्सा उसने अपने और परिवार के नाम पर संपत्तियां खरीदने में निवेश किया है। इन संपत्तियों की जांच अभी जारी है।
टुटेजा-सौम्या चैट्स से भी कड़ी जुड़ी
जांच में अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के बीच मिले चैट्स से यह भी सामने आया है कि जयचंद कोशले गोपनीय फाइलें और दस्तावेज सौम्या के निर्देश पर अनिल टुटेजा तक पहुंचाता था।
जानिए क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल स्कैम ?
ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।
ED के अनुसार कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।