जशपुर में तंत्र-मंत्र के नाम पर मृतक को जीवित करने का झांसा देकर पैसे ऐंठने और फिर निर्दोष महिला को ‘टोनही’ बताकर भीड़ से पिटवाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की

Chhattisgarh Crimesजशपुर में तंत्र-मंत्र के नाम पर मृतक को जीवित करने का झांसा देकर पैसे ऐंठने और फिर निर्दोष महिला को ‘टोनही’ बताकर भीड़ से पिटवाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। फरार चल रहे दो बैगाओं को गिरफ्तार किया गया है। मामला दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर का है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी बैगा कृपा चौहान (44) रायगढ़ जिले के खर्रामुड़ा, बईसमुड़ा का रहने वाला है। दूसरा आरोपी संतु राम चौहान (50) सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लेंघरा, बरमकेला का रहने वाला है। दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।

पीड़िता की शिकायत से हुआ मामले का खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ, जब 8 नवंबर को ग्राम भिंजपुर निवासी पीड़िता फौसी बाई (53) ने दुलदुला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि वह सुबह करीब 4 बजे चूल्हा जलाने की तैयारी कर रही थी, तभी कुछ लोग उसके घर के बाहर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे।

डर के कारण पीड़िता ने दरवाजा नहीं खोला, लेकिन आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि गायत्री भगत ने उसे “तुम टोनही हो, तुमने मेरी मां को जादू-टोना कर मरवाया है” कहते हुए पीटना शुरू किया।

टोनही बताकर पीटने का आरोप

इसके बाद अन्य आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर घसीटा और श्मशान घाट की ओर ले जाने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके बेटा-बेटी मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बचाया। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की जड़ मृतका सुनीता भगत की मौत है।

सुनीता भगत रायपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक फूलचंद राम भगत की पत्नी थीं। जिनकी अक्टूबर 2025 में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें ग्राम भिंजपुर में दफनाया था। परिजनों को शक था कि उनकी मौत जादू-टोना से हुई है।

अंधविश्वास के चलते बैगाओं से कराया गया संपर्क

इसके बाद कुछ रिश्तेदारों के कहने पर बैगाओं से संपर्क किया गया, जिन्होंने तंत्र-मंत्र के जरिए मृतका को जिंदा करने का दावा किया। बैगाओं ने श्मशान घाट में झाड़-फूंक का नाटक किया और दावा किया कि गांव की ही एक महिला टोनही है, जिसने जादू कर सुनीता भगत की जान ली है।

टोनही बताकर निर्दोष महिला को बनाया गया निशाना

इसी अंधविश्वास के कारण गांव की निर्दोष महिला फौसी बाई को हिंसा का शिकार बनाया गया।

झाड़-फूंक के नाम पर 60 हजार रुपए की मांग

पूछताछ में बैगाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने मृतका को जिंदा करने के नाम पर 60 हजार रुपए की मांग की थी। शुरुआत में मृतका के पति से 11 हजार रुपए लिए गए।

राशि नहीं मिलने पर रची गई टोनही की कहानी

जब शेष राशि नहीं दी गई और सवाल उठने लगे, तो बैगाओं ने बहाना बनाते हुए कहा कि मृतका को “टोनही खा गई है” और गांव की ही फौसी बाई की ओर इशारा कर दिया।

मुख्य आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस पहले ही गायत्री भगत, फूलचंद भगत (एएसआई), विष्णु भगत, अनिता भगत, रमेश भगत, ललिता भगत, अंजना मिंज और तेलेस्फोर मिंज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है।

फरार बैगाओं को रायगढ़ और सारंगढ़ से पकड़ा

फरार बैगाओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

आरोपियों के खिलाफ थाना दुलदुला मेंBNS की धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2)और टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 व 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एसएसपी का बयान: अंधविश्वास भी गंभीर अपराध

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जादू-टोना और किसी महिला को टोनही कहना केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। जशपुर पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे पुलिस से संपर्क करें।

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